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02 June 2020

केंद्र सरकार ने छोटे उद्योगों को लाभ पहुंचाने हेतु 'मुद्रा शिशु ऋण' शुरू करने की घोषणा की

केंद्र सरकार ने छोटे व्यवसायों और कुटीर उद्योगों को लाभ पहुंचाने हेतु 'मुद्रा शिशु ऋण' शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत, एक लाख लाभार्थी एक वर्ष के लिए 2 प्रतिशत का ब्याज लाभ उठा सकते हैं. केंद्र सरकार 12 महीने की अवधि के लिए तुरंत भुगतान करने पर 2 प्रतिशत का ब्याज अनुदान देने का घोषणा किया है. इससे मुद्रा शिशु लोन लिए लोगों को 1500 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी. 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना (COVID-19) महामारी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ के पैकेज की दूसरी किश्त की घोषणा करते हुए ‘मुद्रा शिशु ऋण’ की घोषणा की थी. वित्त मंत्री ने कहा था कि कोरोना लॉकडाउन के कारण मुद्रा योजना के तहत आने वाले छोटे व्यवसाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. वे व्यवसाय प्रभावित होने के कारण अपनी ईएमआई नहीं चुका पा रहे हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने मुद्रा योजना के तहत शिशु लोन लेने वालों को 12 महीने तक सरकार ब्याज में 2 प्रतिशत तक छूट देने की घोषणा की है. इससे लोन लेने वाले लगभग 3 करोड़ लोगों के कुल 1500 करोड़ रुपये बचेंगे. इस योजना के तहत अपना कारोबार शुरू करने के लिए सरकार कम दरों पर लोन उपलब्ध कराती है. इस योजना में तीन श्रेणी में लोन दिए जाते हैं. कोई भी शख्स शिशु लोन योजना के तहत दुकान आदि खोलने के लिए 50,000 रुपए तक का लोन ले सकता है. वे इससे अपना रोजगार कर सकता है. अभी केंद्र सरकार ने जो छूट दी है, वह इसी के तहत दी है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य कोरोना (COVID-19) महामारी के मद्देनजर दुकानदारों, विशेष रूप से छोटे व्यवसायों की कष्ट को रोकना है. मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत सबसे छोटी कैटिगरी है, जिसकी लिमिट 50 हजार रुपये तक है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के इस घोषणा से 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा. वित्त मंत्री के अनुसार मुद्रा स्कीम के तहत अबतक 1.62 करोड़ रुपये का लोन बाटा जा चुका है.

मुद्रा योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख तक का लोन मिल जाता है. इसमें 3 तरह के लोन होते हैं. शिशु लोन के तहत 50,000 रुपये तक का लोन मिलता है. किशोर लोन के तहत 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का लोन और तरुण लोन के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है. यह राहत आत्‍मनिर्भर भारत योजना का हिस्‍सा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इसका घोषणा किया था. इस पैकेज के तहत अर्थव्‍यवस्‍था के तमाम सेक्‍टरों को आर्थिक मदद दी जा रही है. इसका उद्देश्य देश को आत्‍मनिर्भर बनाना है.

शिशु मुद्रा लोन योजना के तहत कोई व्यक्ति दुकान खोलने, रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने जैसे छोटे काम के लिए बैंक से 50,000 रुपये तक का लोन ले सकता है. वे इससे अपना रोजगार कर सकता है. केंद्र सरकार का मकसद छोटे स्तर पर व्यापार करने वालों की मदद करने का है. इसलिए शिशु मुद्रा लोन योजना के तहत सिर्फ छोटे व्‍यापारियों को लोन मिल सकता है. कोरोना वायरस के कारण देश में आर्थिक मंदी के हालात हैं, इस मंदी ने कई लोगों से उनका रोजगार भी छीन लिया है. इस तरह के लोगों के लिए सरकार की मुद्रा योजना बहुत काम की है. छोटे स्तर पर यदि कोई उद्योग शुरू करना चाहता है तो वह शिशु लोन योजना के तहत आर्थिक सहायता ले सकता है.

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