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03 July 2020

वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने हेतु ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना की शुरुआत

देश में वैज्ञानिक शोध की गति को तीव्र करने और विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने हेतु मानव संसाधन का निर्माण करने के उद्देश्य से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सांविधिक निकाय विज्ञान एवं इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड द्वारा ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना (Accelerate Vigyan Scheme) की शुरुआत की गई है. 
यह अंतर-मंत्रालयी कार्यक्रम के रूप में ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना अनुसंधान की संभावनाओं, परामर्श, प्रशिक्षण और व्यावहारिक कार्य प्रशिक्षण की पहचान करने की कार्यविधि को सुदृढ़ बनाने हेतु राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करेगी. वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने हेतु ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना की शुरुआत की गईं है. यह योजना विज्ञान के क्षेत्र में कैरियर बनाने के इच्छुक छात्रों को रिसर्च इंटर्नशिप, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं से संबंधित एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है.

इस योजना के ‘अभ्यास’ घटक के अंतर्गत शीतकालीन सत्र के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इससे संबंधित जानकारी के लिए एक वेब पोर्टल www.acceleratevigyan.gov.in भी शुरू किया गया है. यह एक अंतर-मंत्रालयी कार्यक्रम के रूप में ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ की शुरुआत मानते हुए की गई है कि अनुसंधान की गुणवत्ता उससे जुड़े प्रशिक्षित अनुसंधानकर्ताओं के विकास पर आधारित होती है. यह योजना अनुसंधान की संभावनाओं, परामर्श, प्रशिक्षण और व्यावहारिक कार्य प्रशिक्षण की पहचान करने की कार्यविधि को सुदृढ़ बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करेगी. इस योजना का मूल दृष्टिकोण अनुसंधान के आधार का विस्तार करना है. इसके तीन व्यापक लक्ष्यों में वैज्ञानिक कार्यक्रमों का एकत्रीकरण, संसाधनों/सुविधाओं से दूर अनुसंधान प्रशिक्षुओं के लिए स्तरीय कार्यशालाओं की शुरुआत और अवसरों का सृजन करना शामिल है.

गौरतलब है कि विज्ञान एवं इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड जल्द ही इस कार्यक्रम से संबंधित एक ऐप भी शुरू करेगा. इस योजना के तहत विभिन्न विषयों पर केंद्रित उच्च स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे आगामी पाँच वर्षों में करीब 25 हजार पोस्ट ग्रेजुएट एवं पीएचडी (PhD) छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकेगा. यह विशेष रूप से ऐसे अनुसंधानकर्ताओं हेतु महत्वपूर्ण हो सकता है, जिनके पास उच्च स्तरीय शिक्षण सुविधाओं या अवसंरचनाओं तक पहुँच के सीमित अवसर हैं. ‘कार्यशाला’ और ‘वृत्तिका’ घटकों के तहत शीतकालीन सत्र (दिसंबर 2020 से जनवरी 2021) के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं.

एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना मिशन मोड में कार्य करेगी, विशेषकर उस घटक के संबंध में जो देश में सभी प्रमुख वैज्ञानिक समारोहों के एकीकरण का कार्य करेगा. इस संबंध में, सभी वैज्ञानिक मंत्रालयों/विभागों और कुछ अन्य सदस्यों को मिलाकर एक अंतर मंत्रालयी निरीक्षण समिति (आईएमओसी) का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य योजना को कार्यान्वित करने में एसईआरबी की सहायता और समर्थन करना है.

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