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11 July 2020

विश्व जनसंख्या दिवस

विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) प्रत्येक साल 11 जुलाई को मनाया जाता है. विश्वभर में विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है. इस दिन को मानाने का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या को रोकने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना होता है. 
विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, लिंग समानता, गरीबी और मानव अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाता है. इस दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिनमें जनसंख्या वृद्धि की वजह से होने वाले खतरे के प्रति लोगों को आगाह किया जाता है.

बढ़ती जनसंख्या विश्व के कई देशों के सामने बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है. खासकर विकासशील देशों में जनसंख्या विस्फोट एक गंभीर चिंता का विषय है. इस दिन लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाती है. जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं. विकासशील देशों में यह गहरी चिंता का विषय बनता जा रहा है. इसको नियंत्रित करने हेतु लंबे समय से कोशिशें की जा रही हैं.

चीन और भारत विश्व के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश हैं. इन दोनों देशों में पूरी विश्व की आबादी के तीस फीसदी से भी ज्यादा लोग रहते हैं. आज के समय में नाइजीरिया सबसे तेज गति से जनसंख्या वृद्धि करने वाला देश है. नाइजीरिया जनसंख्या के मामले में भले ही अभी 7वें नंबर पर है, लेकिन यह साल 2050 से पहले अमेरिका को पीछे छोड़ कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है. विश्व की एक बड़ी आबादी आज भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत मूल सुविधाओं से दूर है.

विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत 11 जुलाई 1989 को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद द्वारा हुई थी. उस समय विश्व की जनसंख्या लगभग 500 करोड़ थी. तब से प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है. इस दिन बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला जाता है और साथ ही लोगों को जनसंख्या पर नियंत्रण रखने के लिए जागरूक किया जाता है. विश्व जनसंख्या दिवस को पहली बार 11 जुलाई 1990 को 90 से अधिक देशों में चिह्नित किया गया था. तब से कई देश के कार्यालयों, अन्य संगठनों और संस्थानों ने सरकारों और नागरिक समाज के साथ साझेदारी में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया.

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