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03 July 2020

विश्व बैंक ने भारत के MSME सेक्टर के लिए 750 मिलियन डॉलर का फंड मंजूर किया

विश्व बैंक ने 01 जुलाई 2020 को 750 मिलियन डॉलर MSME आपात प्रतिक्रिया कार्यक्रम की घोषणा की है. यह कार्यक्रम ऐसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए वित्त के प्रवाह को बढ़ाने में सहयोग करेगा जो कोविड-19 महामारी से प्रभावित हैं. 
यह कार्यक्रम भारत के तकरीबन 1.5 मिलियन MSMEs की तात्कालिक नकदी और क्रेडिट जरूरतों को पूरा करेगा. यह कार्यक्रम MSMEs में नौकरियों की सुरक्षा के अलावा, उन्हें बिखरती अर्थव्यवस्था के सदमे का सामना करने के लिए भी सहायता करेगा. इस घोषणा के बाद, आपातकालीन कोविड-19 प्रतिक्रिया हेतु भारत की सहायता करने के लिए विश्व बैंक की कुल प्रतिबद्धता 2.75 बिलियन तक पहुंच गई है. यह कार्यक्रम ऐसे सुधारों के व्यापक सेट के तौर पर पहला कदम होगा जो आने वाले समय में MSME क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक होंगे.

भारत में विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर, श्री जुनैद अहमद ने कहा है कि, MSME सेक्टर भारत के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन का भी केंद्र है. यह क्षेत्र एक ऐसी विशेष क्षेत्र होगा जो कोविड-19 महामारी के बाद भारत के आर्थिक सुधार को गति देगा. उन्होंने यह भी कहा कि, यह तत्काल सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि, सरकार द्वारा सिस्टम को प्रदान गई नकदी का इस्तेमाल MSME द्वारा किया गया है. जुनैद अहमद ने इस बात पर भी जोर दिया कि MSMEs के लिए समग्र वित्तपोषण तंत्र को मजबूत करना भी काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम MSME क्षेत्र में वित्त की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए एक प्रभावी वित्तीय मध्यस्थ के तौर पर छोटे क्रेडिट बैंकों और NBFC की भूमिका को आगे बढ़ाते हुए इन दोनों उद्देश्यों को प्राप्त करने का इरादा रखता है.

MSME की इस नई परियोजना को शामिल करके, विश्व बैंक ने अब तक भारत की आपातकालीन कोविड-19 प्रतिक्रिया की सहायता करने के लिए 2.75 बिलियन डॉलर प्रदान करने का वादा किया है. अप्रैल 2020 में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए 1 बिलियन डॉलर के प्रथम आपातकालीन समर्थन की घोषणा की गई थी. गरीबों और कमजोरों को खाद्य लाभ और नकदी हस्तांतरण प्रदान करने के लिए मई 2020 में 1 बिलियन डॉलर की एक और परियोजना को मंजूरी दी गई थी जिस के तहत एक अधिक समेकित वितरण मंच भी शामिल था जो राज्य की सीमाओं से परे शहरी और ग्रामीण आबादी के लिए सुलभ होगा.

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