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23 August 2020

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020: इंदौर चौथी बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अगस्त 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वच्छता सर्वेक्षण के पांचवें संस्करण 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2020' के परिणामों की घोषणा की. केंद्र की तरफ से स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत लगातार चौथी बार मध्य प्रदेश के शहर इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है. 
इंदौर लगातार साल 2017 से ही इस सर्वेक्षण में शीर्ष पर बना हुआ है. देश के स्वच्छ शहरों में सूरत दूसरे स्थान पर और नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा है. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार वाराणसी गंगा नदी के किनारे पर बसा सबसे साफ शहर है.

केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित 'स्वच्छ महोत्सव' नाम के इस कार्यक्रम में कुल 129 शहरों को पुरस्कार प्रदान किए गए. इंदौर लगातार साल 2017 से ही इस सर्वेक्षण में शीर्ष पर बना हुआ है. देश के स्वच्छ शहरों में सूरत दूसरे स्थान पर और नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा है. इनमें लखनऊ 12वें, आगरा 16वें, गाजियाबाद 19वें, प्रयागराज 20वें, कानपुर 25वें और वाराणसी 27वें स्थान पर है. स्वच्छता सर्वेक्षण में चौथे नंबर पर विजयवाडा, पांचवें पर अहमदाबाद,छठे पर राजकोट, सातवें पर भोपाल, आठवें पर चंडीगढ़, नौवें पर विशाखापत्तनम और दसवें नंबर पर वडोदरा रहा. स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में जालंधर कैंट को सबसे स्वच्छ छावनी घोषित किया गया.

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा 2016 से संचालित स्वच्छ सर्वेक्षण, दुनिया का सबसे बड़ा शहरी सफाई और स्वच्छता सर्वेक्षण है. यह शहरों और महानगरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने में सहायक साबित हुआ है. इस सर्वेक्षण का मकसद नागरिक सेवा वितरण में सुधार, स्वच्छ शहरों का निर्माण और सफाई के प्रति नागरिकों के व्यवहार व सोच में परिवर्तन लाना है. इसके दूसरे लक्ष्‍यों में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना और समाज के सभी वर्गों के बीच जागरूकता पैदा कर शहरों व महानगरों को रहने के लिए बेहतर बनाना शामिल है.

स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग को कुछ बातों पर आंका जाता है. इसको चुने जाने के प्रमुख घटकों में वहां पर घरों से कूड़ा एकत्रित करना और परिवहन, प्र-संस्करण एवं निष्पादन, संवहनीय स्वच्छता और नागरिकों की सहभागिता और नवाचार आदि शामिल हैं. इनके आधार पर केंद्र सरकार द्वारा इन्‍हें नंबर दिए जाते हैं. इसके अतिरिक्त इनकी रैंकिंग तय करने में केंद्र सरकार की तरफ से अधिकृत स्वतंत्र संस्था और मैदानी मूल्यांकन के अलावा जनता से मिलने वाली राय और उनके द्वारा दिए गए परिणाम भी शामिल किए जाते हैं.

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