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19 August 2020

अशोक लवासा ने चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा दिया, ADB में संभालेंगे उपाध्यक्ष का पद

अशोक लवासा ने चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने 18 अगस्त 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना इस्तीफा सौंपा. अब अशोक लवासा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) में उपाध्यक्ष पद को संभालेंगे. वे एडीबी में दिवाकर गुप्ता का स्थान लेंगे. दिवाकर गुप्ता का कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त होने वाला है. 
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को 15 जुलाई 2020 को उपाध्यक्ष बनाने की घोषणा की थी. एडीबी उपाध्यक्ष की नियुक्त तीन साल के लिये करती है जिसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है. एडीबी के अध्यक्ष छह उपाध्यक्षों के साथ प्रबंधन टीम का नेतृत्व करते हैं. एडीबी ने बयान में कहा कि एडीबी ने अशोक लवासा को प्राइवेट सेक्टर ऑपरेशंस और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए बैंक में उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है. वे यह पद चुनाव आयोग से इस्तीफा देकर ही संभाल सकते हैं. लेकिन वे अब नए आदेश के बाद एडीबी के उपाध्यक्ष का पद संभालेंगे.

अशोक लवासा का चुनाव आयोग से अपने कार्यकाल से पहले जाना निर्वाचन आयोग के इतिहास में सिर्फ दूसरी घटना है. अशोक लवासा का अभी भारतीय निर्वाचन आयोग में अभी दो साल से अधिक का कार्यकाल बचा हुआ है. अशोक लवासा ने 23 जनवरी 2018 को निर्वाचन आयोग में चुनाव आयुक्त के रूप में जॉइन किया था. उन्हें अक्टूबर 2022 में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में रिटायर होना था. अशोक लवासा से पहले 1973 में सीईसी नागेंद्र सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया था जब वह हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जज नियुक्ति हुए थे.

अशोक लवासा हरियाणा कैडर के 1980 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं. अशोक लवासा के पास ऑस्ट्रेलिया में दक्षिणी क्रॉस विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री, और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा और सामरिक अध्ययन में एमफिल डिग्री है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में बीए आनर्स और अंग्रेजी साहित्य में स्नात्कोत्तर की डिग्री पूरी की है. चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति से पहले, अशोक लवासा केंद्रीय वित्त सचिव के रूप में सेवानिवृत्ति हुए थे. इससे पहले, वह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के केंद्रीय सचिव थे. अशोक लवासा ने पेरिस समझौते के लिए जलवायु परिवर्तन वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और भारत के राष्ट्रीय रूप से निर्धारित योगदानों को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें निजी क्षेत्र को एक प्रमुख भूमिका में शामिल किया गया था.

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) एक क्षेत्रीय विकास बैंक है. इस बैंक की स्थापना 19 दिसंबर 1966 को हुई थी. इस बैंक का मुख्यालय मनिला, फिलीपींस में है और 31 क्षेत्रीय कार्यालय पूरी दुनिया में संचालित हैं. एडीबी बैंक का मुख्य उद्देश्य एशिया में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है. फिलहाल एडीबी के अध्यक्ष मसातसुगु असाकावा हैं. वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एडीबी की गवर्नर भी हैं.

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