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19 August 2020

शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक पंडित जसराज का निधन

जाने माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का अमेरिका में 17 अगस्त 2020 को निधन हो गया है. वे 90 साल के थे. उन्होंने अमेरिका के न्यू जर्सी में अंतिम सांस ली. पंडित जसराज के निधन से संगीत जगत शोक में डूब गया है. कुछ समय से वह परिजन के साथ यूएस में थे. 
पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 1930 को हिसार (हरियाणा) में हुआ था. उनके पिता पंडित मोतीराम जी भी मेवात घराने में एक संगीतज्ञ थे. शुरुआती तालीम उन्हें अपने पिता से ही मिली और उसके बाद उन्होंने मेवाती घराने के महाराणा जयवंत सिंह वाघेला और आगरा के स्वामी वल्लभदास से संगीत की शिक्षा ली. उन्हें साल 2000 में भारत सरकार की ओर से पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. पंडित जसराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाई दी थी. 

पंडित जसराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व फलक पर अहम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इतना ही नहीं उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी गाने गाये थे. पंडित जसराज दुनिया भर में अपनी गायकी से प्रसिद्ध थे. अमेरिका में उन्होंने कई बार प्रस्तुतियां दी. पंडित जसराज ने बॉलीवुड के लिए पहला गीत ''वंदना करो' 1966 में आई फिल्म 'लड़की शहयाद्री की' में गाया था, जो कि एक भजन था. पंडित जसराज को श्री वल्लभाचार्य जी द्वारा रचित भगवान कृष्ण की मधुर स्तुति मधुराष्टकम् ने घर-घर पहुंचा दिया. उनकी आवाज में गाए इस मधुराष्टकम् से लोग उनके नाम के मुरीद हो गए.

नासा ने साल 2019 में पंडित जसराज के नाम पर 13 साल पुराने खोजे गए एक ग्रह का नाम रखा. ग्रह की खोज नासा और इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के वैज्ञानिकों ने मिलकर की थी. ग्रह का नाम पंडित जसराज के जन्मतिथि के उलट रखा गया था. उनकी जन्मतिथि 28/01/1930 है और ग्रह का नंबर 300128 था. ग्रह का पूरा नाम- ‘माइनर प्लेनेट’ 2006 वीपी 32 (नंबर 300128) था. नासा ने इस ग्रह का नामकरण करते समय कहा था कि पंडित जसराज ग्रह हमारे सौरमण्डल में गुरु और मंगल के बीच रहते हुए सूर्य की परिक्रमा कर रहा है.

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