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23 August 2020

राकेश अस्थाना को BSF का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया

राकेश अस्थाना को हाल ही में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है. राकेश अस्थाना वर्तमान में नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के महानिदेशक और नारकोटिस्क कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अतिरिक्त प्रभार के साथ काम कर रहे हैं. 
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का महानिदेशक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वी एस के कौमुदी को गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) नियुक्त किया गया है. वे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 27वें महानिदेशक हैं. आदेश में कहा गया है कि राकेश अस्थाना पद का कार्यभार संभालने की तारीख से 31 जुलाई 2021 तक बीएसएफ महानिदेशक के रूप में रहेंगे. अगले साल 31 जुलाई उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख है.

राकेश अस्थाना को तेज तर्रार अफसर माना जाता है. राकेश अस्थाना का जन्म वर्ष 1961 में रांची शहर में हुआ था. राकेश अस्थाना ने नेतरहाट स्कूल से स्कूलिंग और संत जेवियर्स कॉलेज से 1978 में स्नातक की पढ़ाई की. उन्होंने उच्च शिक्षा दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पूरी की है. उन्होंने सेंट जेवियर कॉलेज में इतिहास भी पढ़ाया है. कॉलेज में पढ़ाने के दौरान ही यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करते रहे और पहले ही प्रयास में वर्ष 1984 में गुजरात कैडर के आइपीएस अधिकारी बन गए. वे गुजरात कैडर के 1984 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं. उनके पास स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी है. वर्तमान में वे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के विशेष महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं. राकेश अस्थाना को साल 2001 में ‘सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक’ और साल 2009 में ‘विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से भी सम्मानित किया जा चुका है.

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ): सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) भारत की सीमा रक्षा सेना है. यह एक अर्धसैनिक बल है, जिसकी स्थापना वर्ष साल 1965 में शांति के समय के दौरान भारत सीमाओं की रक्षा और अन्तर्राष्ट्रीय अपराध को रोकने हेतु की गई थी. यह बल केंद्र सरकार की 'गृह मंत्रालय' के नियंत्रण के अंतर्गत आता है. बांग्लादेश की आज़ादी में 'सीमा सुरक्षा बल' की अहम भूमिका अविस्मरणीय है. इसके दो लाख पैंसठ हजार से भी अधिक बहादुर और समर्पित जवान भारत-पाकिस्तान व भारत-बांग्लादेश से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा में कार्यरत हैं.

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