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14 September 2020

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

बिहार के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का 13 सितम्बर 2020 को निधन हो गया है. वे 74 साल के थे. उन्होंने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली. हाल ही में रघुवंश प्रसाद सिंह की तबीयत बिगड़ने के उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था. उनके निधन पर बिहार में शोक की लहर है. 
पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की पहचान बिहार के कद्दावर नेता के तौर पर होती थी. हाल ही में अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. दिल्ली एम्स में शिफ्ट कराए जाने के बाद 10 सितम्बर 2020 को रघुवंश प्रसाद सिंह ने आरजेडी मुखिया लालू प्रसाद यादव के नाम एक पत्र लिखा. जिसमें उन्होंने आरजेडी छोड़ने का घोषणा किया था. लालू यादव ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर ट्वीट कर कहा है कि प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है. लेकिन आप इतनी दूर चले गए. नि:शब्द हूँ. दुःखी हूँ. बहुत याद आएँगे.

रघुवंश प्रसाद सिंह का जन्‍म 06 जून 1946 को वैशाली के शाहपुर में हुआ था. उन्होंने बिहार यूनिवर्सिटी से गणित में डॉक्‍टरेट की उपाधि प्राप्‍त की थी. रघुवंश प्रसाद सिंह साल 1977 से लगातार सियासत में रहे. वे लालू प्रसाद यादव के करीबी और उनके संकटमोचक माने जाते रहे. उन्‍हें पार्टी में दूसरा लालू भी माना जाता था. वे लगातार चार बार वैशाली से सांसद रहे. उनका पहला कार्यकाल लोकसभा के सदस्‍य के रूप में साल 1996 से प्रारंभ हुआ था. वे साल 1996 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचित हुए और उन्‍हें बिहार राज्‍य के लिए केंद्रीय पशुपालन और डेयरी उद्योग राज्‍यमंत्री बनाया गया था. यूपीए की सरकार में मंत्री भी रहे. रघुवंश प्रसाद सिंह यूपीए एक में ग्रामीण विकास मंत्री थे और मनरेगा क़ानून का असली शिल्पकार उन्हें ही माना जाता है. भारत में बेरोज़गारों को साल में 100 दिन रोज़गार मुहैया कराने वाले इस क़ानून को ऐतिहासिक माना गया था. वे राजद के एक ऐसे नेता थे जिनका सम्मान हर दल के नेता करते थे. 

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