31 December 2020

देशभर के 40 करोड़ असंगठित श्रमिक पीएफ से जुड़ेंगे

देशभर के 40 करोड़ असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के दरवाजे खुल सकते हैं. 
देश में 40 करोड़ से ज्यादा असंगठित क्षेत्र के कामगार हैं जो कि किसी प्रतिष्ठान अथवा कंपनी के वेतन रजिस्टर में नहीं आते हैं और उन्हें भविष्य निधि और ग्रेच्युटी जैसे लाभ प्राप्त नहीं हैं. सरकार इन सभी को समाजिक सुरक्षा देने के लिए ईपीएफओ के तहत लाने की योजना बनाई है. हालांकि, इसके लिए ईपीएफओ को अपने काम करने के तरीके में बड़े बदलाव करने होंगे. नए साल में संगठन को सरकार की महत्वकांक्षी आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) को लागू करने पर ध्यान देते हुए सेवाओं की सुपुर्दगी में सुधार लाने के लिए भगीरथ प्रयास करने होंगे. 

कोरोना काल में बेहतर काम के लिए बिहार को मिला डिजिटल इंडिया अवार्ड

केंद्र सरकार ने कोरोना के खतरे के दौरान राज्य सरकार की ओर से डिजिटल तरीके से लोगों को सहायता पहुंचाने के काम की सराहना की. नीतीश कुमार सरकार के बेहतरीन प्रयासों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डिजिटल इंडिया अवॉर्ड 2020 से सम्मानित किया. कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में किया गया था. इस दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद थे. राष्ट्रपति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शिरकत की थी. 
राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार, आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, अपर सचिव रामचंद्रडू, एनआइसी के शैलेश कुमार श्रीवास्तव एवं नीरज कुमार को डिजिटल इंडिया पुरस्कार देकर सम्मानित किया. 

बिहार के लाल ने किया कमाल, संख फुकने में बनाया विश्व रिकार्ड

एक सांस व एक धुन में लगातार 80 सेकंड तक शंख बजाकर बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा गांव के शंभू कुमार ने गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया. उन्होंने इस उपलब्धि से अपने जिले, राज्य व राष्ट्र का मान बढ़ाया है. शंभू इंडियन आर्मी में 16 राजपूत बटालियन के जवान के रूप में कार्यरत हैं. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू एडीजी (एम एंड सी) ने गिनीज का सर्टिफिकेट प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया है. जुलाई में ही गिनीज टीम ने दिल्ली में शंख फूंकने की इस विधा का गहन परीक्षण व रिकॉर्डिंग के बाद उनका चयन किया था.

25 December 2020

क्रिसमस: ईसा मसीह का जन्जिमदिन, जिन्होंने ईसाई धर्म की स्थापना की

क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है. दुनिया भर के अधिकतर देशों में यह 25 दिसम्बर को मनाया जाता है. ईसा मसीह जिन्हें नासरत का यीशु भी कहा जाता है, ईसाई पन्थ के प्रवर्तक हैं. ईसाई लोग उन्हें परमपिता परमेश्वर का पुत्र मानते हैं. बाइबिल के अनुसार ईसा की माता मरियम गलीलिया प्रांत के नाज़रेथ गाँव की रहने वाली थीं. विवाह के पहले ही वह कुँवारी रहते हुए ही ईश्वरीय प्रभाव से गर्भवती हो गईं. ईश्वर की ओर से संकेत पाकर यूसुफ ने उन्हें पत्नीस्वरूप ग्रहण किया. इस प्रकार जनता ईसा की अलौकिक उत्पत्ति से अनभिज्ञ रही. विवाह संपन्न होने के बाद यूसुफ गलीलिया छोड़कर यहूदिया प्रांत के बेथलेहेम नामक नगरी में जाकर रहने लगे, वहाँ ईसा का जन्म हुआ. शिशु को राजा हेरोद के अत्याचार से बचाने के लिए यूसुफ मिस्र भाग गए. हेरोद 4 ई.पू. में चल बसे अत: ईसा का जन्म संभवत: 4 ई.पू. में हुआ था. हेरोद के मरण के बाद यूसुफ लौटकर नाज़रेथ गाँव में बस गए. 

18 December 2020

भारत-बांग्लादेश के बीच 55 साल से बंद रेल लिंक शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने 17 दिसंबर 2020 को भारत-बांग्लादेश वर्चुअल समिट में शिरकत की. दोनों ने संयुक्त रूप से चिल्हटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक का उद्घाटन किया. इसके साथ ही साल 1965 से बंद 6 में से 5 रेल लिंक फिर से शुरू हो जाएंगे. 
बांग्लादेश 1971 में हुए युद्ध में जीत की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है. इसी के चलते इस वर्चुअल समिट का आयोजन किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में खूब हौसला दिखाया है.

04 December 2020

वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का सबसे छोटा मेमोरी डिवाइस

शोधकर्ताओं ने दुनिया का सबसे छोटा मेमोरी डिवाइस बना लिया है. इस विकास से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और ब्रेन-इंस्पायर्ड कंप्यूटिंग के लिए तेज, छोटे और अधिक ऊर्जा-कुशल इलेक्ट्रॉनिक चिप्स का निर्माण हो सकता है. 
शोधकर्ताओं ने उस पदार्थ विज्ञान को भी खोज लिया है जो इन छोटे उपकरणों के लिए गहन मेमोरी स्टोरेज क्षमताओं को अनलॉक करता है. इस शोध को हाल ही में 'नेचर नैनो टेक्नोलॉजी' नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया था. इसके शोधकर्ता टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन के हैं.

03 December 2020

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस प्रतिवर्ष 03 दिसंबर को मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य समाज में दिव्यांगजनों का विकास सुनिश्चित करना है. इस दिवस को मनाने के पीछे दिव्यांगता को सामाजिक कलंक मानने की धारणा से लोगों को दूर करने का प्रयास है. हर वर्ष दुनिया के तमाम देशों में 3 दिसंबर को दिव्यांगों के उत्थान, उनके स्वास्थ्य व सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. 
दिव्यांगता को समाज में आज भी एक कलंक के तौर पर देखा जाता है. यह दिवस ऐसे में लोगों में दिव्यांगता मामले की समझ बढ़ाने, दिव्यांगजनों के सामाजिक सम्मान की स्थापना, उनके अधिकारों एवं कल्याण पर ध्यान केंद्रित कराने के उद्देश्यों हेतु काफी ही अहम है. इस बार कोविड-19 के चलते अधिकांश जगहों पर ऑनलाइन कार्यक्रम होंगे.

01 December 2020

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके वियतनामी समकक्ष के बीच हुआ हाइड्रोग्राफी क्रियान्वयन समझौता

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 27 नवंबर, 2020 को, दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक दोस्ती और साझेदारी के तरीकों के बारे में महत्त्वपूर्ण चर्चा करने के लिए अपने वियतनामी समकक्ष जनरल न्गो जुआन लिच के साथ द्विपक्षीय आभासी बैठक में भाग लिया. 
रक्षा मंत्री ने  इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग में काफी विस्तार हुआ है. उन्होंने इस आभासी द्विपक्षीय

केन्द्र सरकार की MSME क्षेत्र में 5 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने की घोषणा की

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) मंत्री, नितिन गडकरी ने 30 नवंबर, 2020 को आभासी होरासिस एशिया मीटिंग 2020 को संबोधित किया और यह कहा कि, केंद्र सरकार केवल MSME क्षेत्रों के लिए 5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने की एक योजना बना रही है. 
अपने संबोधन में, उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया में शीर्ष ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र होगा और चीन की तुलना में, भारत में विकास की अधिक संभावनाएं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि, कच्चे माल की उपलब्धता, प्रतिभाशाली युवा जनशक्ति और केंद्र और राज्य सरकारों की अनुकूल नीतियां भारत को निवेश करने के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना रही है.