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26 January 2021

गणतंत्र दिवस 2021: राजपथ पर दिखी भारत की ताकत

भारत आज 26 जनवरी को अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था और इसी के उपलक्ष्य में हर साल देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. 
72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राजपथ पर तिरंगा फहराया गया. तिरंगा फहराए जाने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई और गणतंत्र दिवस परेड की शुरूआत हो गई. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नैशनल वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की थी. इस मौके पर दिल्ली के राजपथ पर परेड निकली. अलग-अलग राज्यों की झलकियों के साथ देश की सेना की ताकत यहां दिखाई दी. राजपथ पर भारत ने परेड के जरिए दुनिया को अपनी शक्ति की झलक दिखाई.

परेड का समापन एकल राफेल विमान के फ्लाईपास्ट के साथ हुआ. इसने आसमान में 900 किमी /घंटा की रफ्तार से वर्टिकल चार्ली की फॉर्मेशन बनाई. इसे शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह ने उड़ाया. उनका साथ 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर स्कवाड्रन लीडर किसलयकांत ने दिया. बता दें कि इस बार परेड में कोई मुख्य अतिथि नहीं है. कोरोना महामारी के कारण ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने अपनी यात्रा रद कर दी है. इससे पहले साल 1952, साल 1953 और साल 1966 में भी गणतंत्र दिवस परेड के लिए कोई मुख्य अतिथि नहीं था.

आईटीबीपी ने लद्दाख में 17,000 फीट की ऊंचाई पर -25°C तापमान में गणतंत्र दिवस मनाते जवानों का वीडियो शेयर किया है. इसमें जवान 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' और 'आईटीबीपी की जय' के नारे लगाते दिख रहे हैं. वहीं, आईटीबीपी के जवान तिरंगे के साथ लद्दाख में जमे हुए जलस्रोत पर मार्च करते हुए भी दिखे. गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी में राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को प्रदर्शित किया गया. इसमें महर्षि वाल्मीकि को रामायण की रचना करते हुए दर्शाया गया. इसके अलावा झांकी में अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव की झलक भी दिखाई दी. झांकी के अगले हिस्से में महर्षि वाल्मीकि की एक प्रतिमा विराजमान थी. इसके पीछे राम मंदिर का प्रारूप मौजूद था.

राजपथ पर झांकियों में सबसे पहली झांकी, संघ शासित प्रदेश लद्दाख की झांकी है जो केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत कर रही है. लद्दाख राज्य के शांतिप्रिय और संतोषी लोग अपनी समृदध संस्कृति पर गौरवान्वित हैं और केंद्र शासित दर्जें का आनंद उठा रहे हैं. यह झांकी लद्दाख को संघ शासित प्रदेश घोषित करने के बाद लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल स्टेट बनाकर विश्व के लिए उदाहरणात्मक प्रदेश के विजन पर केंद्रित है.

राजपथ में परेड में बांग्लादेश के सशस्त्र बलों की टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया. इस टुकड़ी में बांग्लादेश के 122 जवान शामिल हैं. दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के पचास साल पूरे होने पर बांग्लादेश के सशस्त्र बलों की टुकड़ी परेड में शामिल हुई है. यह तीसरा मौका है जब किसी अन्य देश की सैन्य टुकड़ी यहां गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रही है. इससे पहले साल 2016 में फ्रांस और साल 2017 में सुयक्त अरब अमीरात की सैन्य टुकड़ी ने हिस्सा लिया था.

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