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13 January 2021

बिहार में राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग में 3883 पदों पर होगी नियुक्ति

बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी है. बिहार में इस बार का विधानसभा चुनाव में रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा था. विपक्ष बिहार में बेरोजगारी को खूब भुनाया. एक बार फिर नीतीश कुमार के सत्ता संभालने के बाद बिहार में रोजगार और नौकरी को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है. पहली कैबिनेट में ही नीतीश सरकार ने अगले पांच सालों में 20 लाख लोगों को रोजगार देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई. इसके साथ ही सरकारी विभागों में भी नौकरी को लेकर पहल शुरू की गई है. कई विभागों में रिक्ति को भरने का काम शुरू हो गया है. वहीं बिहार कैबिनेट ने राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर नए पोस्ट सृजित किये हैं. अब उन पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी.

बिहार सरकार ने 12 जनवरी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 3883 स्थाई पदों का सृजन किया है. ये पद जिला से लेकर अंचल स्तर तक के लिए सृजित किये गए हैं. विभागीय स्तर पर सिस्टम एनालिस्ट एवं प्रोग्रामर के पद रहेंगे. इसके अलावा जिला एवं अनुमंडल स्तर पर सिस्टम एनालिस्ट एवं प्रोग्रामर के पद रहेंगे. जिला एवं अनुमंडल स्तर पर लेवल-6 के 139 डाटा एंट्री ऑपरेटर बहाल होंगे. इतना ही नहीं बिहार के सभी 534 अंचलों में भी कंप्यूटर ऑपरेटर बहाल होंगे. सभी अंचलों में लेवल 4 के 7-7 डाटा एंट्री ऑपरेटर यानी कुल 3738 ऑपरेटरों की नियुक्त होगी.

गौरतलब हो कि राज्य में लोगों को मामूली फीस पर जमीन के दस्तावेज अंचल में ही उपलब्ध होंगे. जमीन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और डिजिटाइज्ड दस्तावेज मामूली शुल्क लेकर रैयतों की मुहैया कराने के लिए मॉर्डन रिकॉर्ड रूम बनाने की ' इ-धरती ' योजना जमीन पर उतरने जा रही है. राष्ट्रीय भू-अभिलेख के आधुनिकीकरण कार्यक्रम यानी 'इ-धरती' के अंतर्गत 26 प्रकार के भू-अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाना है. इसके लिए प्रदेश के सभी गांवों के सर्वे खतियान, तहसील व पंजीयन कार्यालय को ऑनलाइन आपस में जोड़ना, मॉडर्न रिकॉर्ड रूम बनाना और भू-अभिलेखों जैसे नक्शा व बी-वन खसरा का कंप्यूटरीकरण किया जाना है.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य के सभी अंचलों में जल्द ही आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केंद्र (माॅडर्न रिकाॅर्ड रूम ) काम करना शुरू कर देगा. राज्य में 534 अंचल हैं, जिनमें 436 अंचलों में दो मंजिली इमारत तैयार है. प्रत्येक डाटा केन्द्र पर चार एंव अंचल कार्यालय में तीन डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी. प्रत्येक केंद्र आठ कंप्यूटर, आठ सॉफ्टवेयर, चार बहुपयोगी प्रिंटर, दो स्कैनर, टेबुल, कुर्सी, आलमीरा आदि संसाधन से लैस होंगे. सभी जगह सीसीटीवी से निगरानी की जायेगी. 

मॉडर्न रिकॉर्ड रूम को क्रियाशील बनाने के लिए कुल 195.59 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर उपकरण के लिए भू- अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय सभी डीएम को प्रति अंचल 20.10 लाख रुपये दे रहा है. प्रथम चरण में 163 अंचलों के लिए 2624.30 लाख का आवंटन हो चुका है. ये 163 अंचल उन 436 अंचलों में शामिल हैं, जहां भवन निर्माण के लिए 30.65 लाख रुपये अलग से मिले हैं. रखरखाव पर सालाना 9.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह राशि राष्ट्रीय भू–अभिलेख एवं प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र सरकार दे रही है. राज्य सरकार का 50% योगदान देगी.

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