मासिक करेंट अफेयर्स

08 February 2021

यूनिसेफ और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बीच हुआ कोविड-19 टीकों के लिए दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता

यूनिसेफ और भारत के सीरम संस्थान ने नोवावैक्स और एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड के टीकों के लिए दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता किया है. बच्चों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने यह सूचित किया है कि, टीकों की 1.1 बिलियन खुराक तक लगभग 100 देशों की पहुंच होगी. 
भारत दुनिया के सबसे बड़े दवा निर्माताओं में से एक है और कई देशों ने कोरोना वायरस के टीकों की खरीद के लिए पहले ही अधिकारियों से संपर्क किया है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका के कोविशिल्ड का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है और नोवावैक्स को यूएस-आधारित नोवावैक्स इंक. द्वारा तैयार किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय बाल शिक्षा कोष के कार्यकारी निदेशक, हेनरिते फोर ने कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए नोवावैक्स और एस्ट्राजेनेका से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से, दो वैक्सीन उत्पाद लेने के लिए भारत के सीरम इंस्टीट्यूट के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते के संपन्न होने की घोषणा की. कोविड -19 टीकों तक उचित पहुंच के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली कोवैक्स पहल के तहत 145 देशों के प्रमुख श्रमिकों और अन्य कमजोर व्यक्तियों को वर्ष, 2021 की पहली छमाही में कोविड -19 टीके प्राप्त होंगे. कोवैक्स के तहत, विभिन्न देशों की सरकारों को यूनिसेफ के देश कार्यालयों द्वारा समर्थित किया जाएगा ताकि संबद्ध सरकारें आगे बढ़कर यह सुनिश्चित कर सकें कि, वे ऐसी कोरोना वायरस वैक्सीन प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं जिसे अल्ट्रा-कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता होती है.

No comments:

Post a Comment