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06 March 2021

केंद्र सरकार ने ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स-2020 जारी किया

केंद्र सरकार ने 04 मार्च 2021 को ‘ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स-2020’ जारी किया है. सूची में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू टॉप पर है. बेंगलुरू को 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रहने के लिए देश का सबसे अच्छा शहर माना गया है. 10 लाख की आबादी से कम के शहरों में हिमाचल की राजधानी शिमला सबसे अच्छा शहर माना गया है. 
दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के वर्ग में बेंगलुरु पिछले साल अव्वल रहे पुणे से आगे निकलकर पहले स्थान पर पहुंच गया है. 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में शिमला पहले स्थान पर और भुवनेश्वर दूसरे स्थान पर है. इंडेक्स में कुल 111 शहरों को शामिल किया गया है.

दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बेंगलुरू सबसे बेहतर शहर है. इसके बाद दूसरे नंबर पर पुणे और तीसरे नंबर पर अहमदाबाद है. इसके बाद चौथे नंबर पर चेन्नई, पांचवे पर सूरत, छठें पर नवी मुंबई, सातवें पर कोयम्बटूर, आठवें पर वडोदरा, नवें पर इंदौर और दसवें नंबर पर ग्रेटर मुंबई है. दस लाख से कम की आबादी वाले शहरों में शिमला को सबसे अच्छा शहर माना गया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर भुबनेश्वर तो तीसरे पर सिलवासा है. सूची में चौथा नंबर काकीनाडा और पांचवा सालेम को मिला है. छठें नंबर पर वेल्लोर, सातवें पर गांधीनगर, आठवें नंबर पर गुरुग्राम, नवें नंबर पर दावणगेरे तथा दसवें नंबर पर तिरुचिरापल्ली शहर है.

दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों मे बरेली, धनबाद और श्रीनगर को सबसे खराब रैंकिंग मिली है. दस लाख से कम की आबादी वाले शहरों में बिहार का मुजफ्फरपुर आखिरी नंबर पर आता है. केंद्र के 'म्युनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स 2020' में दस लाख से ज्यादा आबादी वाले नगर निगमों में इंदौर सबसे बेहतर हैं. इसके बाद सूरत और भोपाल का नंबर आता है.

बता दें कि ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स को शहरी विकास मंत्रालय ने पहली बार 2018 में यह इंडेक्स जारी किया गया था. शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक स्थिति, अफोर्डेबल हाउसिंग ट्रांसपोर्टेशन जैसे 15 मानकों के आधार पर इस रैंकिंग को जारी किया जाता है.

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