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31 March 2021

AICTE अध्यक्ष ने कहा, जेईई और सीईटी जैसी प्रवेश परीक्षा जारी रहेगी, इंजीनियरिंग के लिए गणित-भौतिकी और रसायन अहम

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए गणित, भौतिकी और रसायन शास्त्र महत्वपूर्ण विषय बने रहेंगे. इसके अलावा जेईई, सीईटी जैसी प्रवेश परीक्षा भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी जैसे सहयोगी विषय लेने वाले छात्रों को इंजीनियरिंग में नामांकन की अनुमति देने के मकसद से दिशा-निर्देशों में विकल्प दिया गया है. 
अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा-हमने ऐसा कभी नहीं कहा कि इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए गणित, भौतिकी और रसायन नहीं चाहिए, यह जरूरी विषय हैं. उन्होंने कहा कि भौतिकी और गणित के बिना कोई भी इंजीनियरिंग की शिक्षा पूरी कर ही नहीं सकता. सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छात्रों में बहु-विषयक दृष्टिकोण को विकसित करने की जरूरत महसूस की गई जिसकी वजह से इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रवेश से संबंधित विषयों के बारे में स्थिति स्पष्ट करना जरूरी था.

 गौरतलब है कि हाल ही में एआईसीटीई ने स्नातक स्तर पर इंजीनियरिंग संकाय में दाखिले के लिए प्रवेश स्तर के दिशानिर्देशों में बदलाव करते हुए 11वीं एवं 12वीं कक्षा में गणित एवं भौतिकी नहीं पढ़ने वाले छात्रों को नामांकन के लिए पात्र बताया था. लेकिन सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि ये बदलाव किसी राज्य या इंजीनीयरिंग कॉलेज के लिए अनिवार्य नहीं हैं और ना ही जेईई या सीईटी जैसी परीक्षाओं के संदर्भ में कोई बाध्यता है. एआईसीटीई के अध्यक्ष ने कहा कि नई शिक्षा नीति के बाद 10+2 की प्रणाली खत्म होगी. इसके बाद 5+3+3+4 का प्रारूप होगा और कला, विज्ञान तथा कॉमर्स संकाय वर्तमान स्वरूप में नहीं रहेंगे. छात्रों के बीच बहु-विषयक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक व्यवस्था के संदर्भ में यह बात कही गई.

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