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05 March 2021

भारत ने फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समेत रक्षा उपकरणों की आपूर्ति हेतु समझौता किया

भारत ने 02 मार्च 2021 को फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समेत अन्य रक्षा उपकरणों की आपूर्ति हेतु समझौता किया है. फिलिपीन के रक्षा सचिव डेलफिन लॉरेंजाना मनीला में समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद थे. 
उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि उनका देश ब्रह्मोस मिसाइल खरीद रहा है. फिलिपीन के राष्ट्रीय रक्षा विभाग (डीएनडी) ने 02 मार्च को फेसबुक पर कहा कि रक्षा अंडरसेक्रेटरी रायमुंडो एलेफंटे और फिलिपीन में भारत के राजदूत शंभू एस कुमारन ने रक्षा सामग्री और उपकरणों की खरीद के लिए ‘‘क्रियान्वयन व्यवस्था’’ पर हस्ताक्षर किए.

ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है. इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है. ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा भारतीय सेना एवं नौसेना को सौंपा जा चुका है. ब्रह्मोस का नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है. ब्रह्मोस मिसाइलों को ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा डिज़ाइन, विकसित और निर्मित किया गया है.

ब्रह्मोस भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी देश बना दिया है. यह विश्व की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, साथ ही सबसे तेज़ क्रियाशील एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल भी है. यह मिसाइल ‘दागो और भूल जाओ’ (Fire and Forget) के सिद्धांत पर कार्य करती है. इसकी वास्तविक रेंज 290 किलोमीटर है परंतु लड़ाकू विमान से दागे जाने पर यह लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तक पहुँच जाती है. ब्रह्मोस के विभिन्न संस्करण, जिनमें भूमि, युद्धपोत, पनडुब्बी और सुखोई -30 लड़ाकू जेट शामिल हैं, जिनको को पहले ही विकसित किया जा चुका है तथा अतीत में इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है.

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