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05 March 2021

भारत में बनी COVAXIN को लेकर बहुत बड़ी खबर, देसी टीका 81 प्रतिशत प्रभावी

भारत की वैक्सीन बनाने वाली बायोटेक (Bharat Biotech) ने 03 मार्च 2021 को COVAXIN के थर्ड फेज ट्रायल का डेटा जारी कर दिया है. इस ट्रायल में कौवेक्सीन (COVAXIN) 81 प्रतिशत प्रभावी रहा है. बता दें कि 'कोवैक्सीन' का कोरोना वायरस के खिलाफ जारी टीकाकरण अभियान में भी इस्तेमाल किया जा रहा है. 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस वैक्सीन का पहला डोज लगवाया था. कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के अनुसार, देश के 25,800 लोगों पर ये ट्रायल किए गए थे. इससे पहले भारत बॉयोटेक के टीके के परीक्षण के अंतिम परिणाम आने से पहले ही इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी को लेकर विवाद पैदा हो गया था.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और भारत बायोटेक ने घोषणा की कि उनके द्वारा विकसित कोवैक्सीन के चरण 3 के परिणामों से कोविड-19 को रोकने में टीके ने 81 प्रतिशत की अंतरिम प्रभावशीलता दिखाई है. दोनों ने इसे टीके की खोज में एक अहम मील का पत्थर करार दिया. आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने 03 मार्च 2021 को कहा कि आठ महीने से भी कम समय में पूरी तरह से स्वदेश विकसित कोविड-19 का टीका आत्मनिर्भर भारत की असीम ताकत को दिखाता है. यह वैश्विक वैक्सीन महाशक्ति के रूप में भारत के उदय का एक गवाह है.

आईसीएमआर ने कहा कि कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ प्रीक्वालिफाइड वेरो सेल प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है. डॉ. समीरन पांडा, प्रमुख, एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीज, आईसीएमआर और डायरेक्टर, नेशनल एड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ने कहा कि कोवैक्सीन का विकास और इसका इस्तेमाल यह सुनिश्चित करता है कि भारत के पास लगातार विकसित होने वाली महामारी की स्थिति में अपने पास एक शक्तिशाली हथियार है और हमें कोविड-19 के खिलाफ युद्ध जीतने में सहायता करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना होगा.

गौरतलब है कि कोवैक्सीन एक स्वदेशी कोरोना वैक्सीन है. इस समय देश में दो कंपनियों की वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध है. इसमें भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की 'कोविशील्ड' शामिल है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रहा है. दोनों ही वैक्सीन का उपयोग देश में किया जा रहा है, साथ ही इसकी सप्लाई दूसरे देशों में भी की जा रही है.

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