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14 May 2021

DCGI ने 2 से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन ट्रायल की मंजूरी दी

डीसीजीआई ने 2 से 18 साल के उम्र के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के ट्रायल को दूसरे और तीसरे चरण के लिए मंजूरी दे दी है. डीसीजीआई की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद हैदराबाद की भारत बायोटेक 525 स्वस्थ वॉलंटियर्स पर कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल करेगी. ट्रायल के दौरान पहली और दूसरी वैक्सीन का डोज़ 28 दिनों के अंतर पर दिया जाएगा. 
भारत बायोटेक और आईसीएमआर के सहयोग से तैयार कोवैक्सिन को 2 साल से 18 साल के बच्चों के लिए ट्रायल की मंजूरी दी है. रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षण को कई स्थानों पर 525 प्रतिभागियों के बीच आयोजित करने की योजना है. परीक्षण आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, अभिक्रियाशीलता और प्रतिरक्षण क्षमता के लिए बच्चों में कोवाक्सिन वैक्सीन का मूल्यांकन करना होगा. आम जनता में उपयोग के लिए स्वीकृति देने के लिए ये सभी पैरामीटर आवश्यक हैं.

वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने बताया की कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का यह ट्रायल दिल्ली स्थित एम्स, पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सहित देश के अलग-अलग राज्यों में किया जाएगा. भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर कोवैक्सीन को तैयार किया है. इस समय देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड के साथ टीकाकरण अभियान जारी है.

ट्रायल की अनुमति मिलने के बाद भारत बायोटेक ने दावा किया कि सब कुछ ठीक रहा तो 2 वर्ष से 18 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीन इस साल के आखिर तक आ सकती है. बता दें कि भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने हेतु परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था. फिलहाल भारत में कोरोना का दूसरा लहर चल रहा है और तीसरे लहर की संभावना जताई जा रही है. भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपा रही है. इस बीच एक्सपर्ट्स ने तीसरी लहर की चेतावनी दी थी. विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर का बच्चों पर ज्यादा असर हो सकता है.

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