29 October 2021

बख्तियारपुर नाम नहीं एक कलंक है बिहार के माथे पर

बख्तियारपुर बिहार का एक शहर है जो पटना जिले में पड़ता है. इस शहर को तुर्क आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने बसाया था. 
उसका पूरा नाम इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी था. बिहार का वह मुगल शासक था. उस समय दिल्ली के बादशाह कुतुबुद्दीन एबक ने यूपी के मिर्जापुर की जिम्मेदारी बख्तियार खिलजी को दिया था. यूपी से बिहार और बंगाल नजदीक होने के कारन उसका नजर बिहार और बंगाल पर पड़ा और वह पुरे बिहार पर अधिकार कर लिया. एक समय बख्तियार खिलजी बहुत ज्यादा बीमार पड़

भारत के महान राजा पृथ्वीराज चौहान जिन्होंने मो गौरी को 17 वार पराजित किया

भारत के इतिहास का एक गौरवपूर्ण नाम है पृथ्वीराज चौहान. यह क्षत्रिय महारथी जितना परमवीर था उतना ही दयालु और क्षमाशील था, जिसने अपने पराक्रम से हिन्दुस्तान के गौरव में बेहिसाब इजाफा किया लेकिन हाथ आए शत्रु के साथ दयी करने की भूल भी कर दी. शत्रु पर दया की ये भूल हिन्दुस्तान के इतिहास पर भारी पड़ गई. वो योद्धा और कोई नहीं बल्कि दिल्ली की गद्दी के आखिरी हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान हैं. पृथ्वीराज तृतीय को देश पृथ्वीराज चौहान के नाम से जानता है.

देखिए किस प्रकार मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप ने अकबर को नानी याद दिलाई

आज हम बात कर रहे हैं वीरों की भूमि राजस्थान में जन्मे सोलहवीं शताब्दी के महान हिंदू राजा महाराणा प्रताप की, जिन्होंने मुगल शासक अकबर को कई बार रणभूमि में टक्कर द. अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 को कुंभलगढ़ में हुआ था.
 उन्होंने अपनी मां से ही युद्ध कौशल सीखा था. राजा महाराणा प्रताप के भाले का वजन कुल 81 किलो था, साथ ही उनके छाती का कवच 72 किलो का था. भाला, कवच, ढाल और दो तलवारों के साथ उनके अस्त्र और शस्त्रों का वजन 208 किलो था.

भारत के महान वीर योद्धा पोरस जिन्होंने विश्व विजेता सिकंदर को नानी याद दिला दिया

सिकंदर (356 ईपू से 323 ईपू) मेसेडोनिया. का ग्रीक प्रशासक था. वह एलेक्ज़ेंडर तृतीय तथा एलेक्ज़ेंडर मेसेडोनियन नाम से भी जाना जाता है. 
सिकंदर अपने पिता की मृत्यु के पश्चात अपने सौतेले व चचेरे भाइयों का कत्ल करने के बाद यूनान के मेसेडोनिया के सिन्हासन पर बैठा था. अपनी महत्वाकांक्षा के कारण वह विश्व विजय को निकला. उसकी खास दुश्मनी ईरानियों से थी. सिकंदर ने ईरान के पारसी राजा दारा को पराजित कर दिया और विश्व विजेता कहलाने लगा. यहीं से उसकी भूख बड़ गई. इतिहास में वह कुशल और यशस्वी सेनापतियों में से एक माना गया है. अपनी मृत्यु तक वह उन सभी भूमि

22 October 2021

NPCI ने कार्ड टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्म 'NTS' लॉन्च किया

ग्राहकों के वित्तीय डेटा को सुरक्षित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा हाल ही में जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप, नेशनल पेमेन्टस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बुधवार को रुपे कार्ड के टोकन के विकल्प के रूप में समर्थन करने के लिए व्यापारियों के साथ कार्ड विवरण संग्रहित करना एनपीसीआई टोकनाइजेशन (एनटीएस) लॉन्च किया है. 
एनटीएस ग्राहकों की सुरक्षा को और बढ़ाएगा और उपभोक्ताओं को खरीदारी

प्रथम अश्वेत अमेरिकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का निधन

अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल (Colin Powell) का सोमवार को कोरोना के कारण निधन हो गया है. वह 84 वर्ष के थे. वे 2001 में राज्य सचिव के रूप में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश (George W. Bush) के प्रशासन में शामिल हुए. वह विश्व मंच पर अमेरिकी सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति थे. इसके अलावा वह ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन भी रह चुके थे. 
बता दें की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (Joint Chiefs Of Staff) के चेयरमैन रहे कॉलिन पॉवेल को बुश प्रशासन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री बनने का अवसर मिला था. विदेश मंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने अमेरिका के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए. 

19 October 2021

ईद-ए-मिलाद: का जन्मदिन

मुस्लिम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद माने जाते हैं, जिन्होंने अपनी धार्मिक सहिष्णुता एवं श्रेष्ठ चारित्रिक गुणों से इस धर्म को एक महान् धर्म के रूप में प्रतिष्ठित किया था. मानवीय आधार पर इस धर्म की स्थापना करके उन्होंने आपसी सदभाव और मैत्री का सन्देश दिया था. सभी मनुष्यो को ईश्वर की सन्तान बताते हुए उन्होंने धार्मिक सदभाव व एकता का पाठ पढ़ाया. 
उनका जन्म व मृत्यु 571-632 ईसा के बीच मानी जाती है. अरब देश के काबा नामक शहर में हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था. उनके पिता हजरत अब्दुल्लाह और माता बीबी आमना थीं. ये लोग कौरेश नाम के घरानों से थे. जब

18 October 2021

WHO ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति की पहचान के लिए बनाया वैज्ञानिक सलाहकार समूह

13 अक्टूबर, 2021 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नोवेल पैथोजेन्स (SAGO) की उत्पत्ति पर अपने नये वैज्ञानिक सलाहकार समूह के लिए 26 विशेषज्ञों के नाम दिए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा गठित इस समूह में ऐसे कई प्रतिनिधि शामिल हैं जिन्होंने SARS-CoV-2 कोरोना वायरस के स्रोत की जांच करने के लिए चीन के वुहान में संबद्ध मिशन पर काम किया है. 
WHO के एक बयान में 26 प्रस्तावित सदस्यों को सार्वजनिक परामर्श की दो सप्ताह की अवधि से पहले नामित किया है, जिसमें थिया फिशर, मैरियन कोपमैन, हंग गुयेन और चीनी पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञ यांग युंगुई शामिल हैं, जिन्होंने वर्ष, 2021 में हुई इससे पहले की संयुक्त जांच में भी भाग लिया था.

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 116 देशों में 101वें स्थान पर

ग्लोबल हंगर इंडेक्स ने भारत को कुल 116 देशों में से 101वें स्थान पर रखा है. भारत भी उन 31 देशों में शामिल है जहां भूख की समस्या को काफी गंभीर रूप में पहचाना गया है. पिछले साल जारी ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) में कुल 107 देशों में से भारत 94वें स्थान पर था. 
इस ग्लोबल हंगर इंडेक्स के मुताबिक, केवल 15 देशों की स्थिति ही भारत से बदतर है. इनमें पापुआ न्यू गिनी (102), अफगानिस्तान (103), नाइजीरिया (103), कांगो (105), मोजाम्बिक (106), सिएरा लियोन (106), तिमोर-लेस्ते (108), हैती (109), लाइबेरिया (110)), मेडागास्कर (111), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (112), चाड (113), मध्य अफ्रीकी गणराज्य (114), यमन (115) और सोमालिया (116) के नाम शामिल हैं.

08 October 2021

RBI Monetary Policy: RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 08 अक्टूबर 2021 को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है. केंद्रीय बैंक ने लगातार 8वीं बार नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. उन्होंने कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है. 
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 08 अक्टूबर को तीन दिवसीय बैठक के बाद कहा कि आरबीआई ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. बता दें कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने आखिरी बार 22 मई 2020 को रेपो दर में बदलाव किया था.

Nobel Peace Prize 2021: मारिया रेसा और दिमित्री मुराटोव को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

विश्वभर के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जा रही है. फिलीपीन्‍स की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के दमित्री मुराटोव को साल 2021 के लिए शांति का नोबेल पुरस्‍कार दिया गया है. नोबेल पुरस्कार हर साल 10 दिसंबर को प्रदान किए जाते हैं. 
नोबेल कमिटी ने कहा कि अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए दोनों के प्रयासों को देखते हुए यह पुरस्‍कार दिया गया है. अभिव्‍यक्ति की आजादी किसी लोकतंत्र के लिए एक महत्‍वपूर्ण पूर्व शर्त है. नोबेल कमिटी ने दोनों के प्रयासों की सराहना की. बता दें कि कुल 329 उम्मीदवारों में से मारिया रेसा और दिमित्री मुराटोव को नोबेल शांति पुरस्कार 2021 के लिए चुना गया है. नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले को अब 1.1 मिलियन डॉलर की इनामी राशि दी जाएगी.

इस साल भारत की 28 कंपनियां हुईं यूनिकॉर्न क्लब में शामिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को यह कहा है कि, भारतीय अर्थव्यवस्था में इस साल सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों की एक श्रृंखला के आधार पर 28 यूनिकॉर्न कंपनियां या स्टार्टअप्स शामिल हुए हैं जिनका मूल्य 01 बिलियन डॉलर से अधिक है. 
भारतीय निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) द्वारा आयोजित एक आभासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वित्त मंत्री, भारत सरकार ने यह कहा है कि, भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले दो दशकों में स्टार्टअप कंपनियों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है.