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08 October 2021

इस साल भारत की 28 कंपनियां हुईं यूनिकॉर्न क्लब में शामिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को यह कहा है कि, भारतीय अर्थव्यवस्था में इस साल सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों की एक श्रृंखला के आधार पर 28 यूनिकॉर्न कंपनियां या स्टार्टअप्स शामिल हुए हैं जिनका मूल्य 01 बिलियन डॉलर से अधिक है. 
भारतीय निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) द्वारा आयोजित एक आभासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वित्त मंत्री, भारत सरकार ने यह कहा है कि, भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले दो दशकों में स्टार्टअप कंपनियों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है.

IVCA ने वित्त मंत्री के हवाले से दिए गये अपने एक बयान में यह कहा है कि, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने पूरे भारत के जिलों में 56,630 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है. "भारतीय स्टार्टअप कंपनियों से अब तक 65 यूनिकॉर्न्स उभरे हैं, जिनमें से 28 यूनिकॉर्न्स वर्ष, 2021 में बने हैं. इससे यह पता चलता है कि, भारत में आर्थिक विकास के क्षेत्र में गतिविधि बढ़ी है और एंजेल/ निजी निवेशकों से बहुत अधिक पूंजी हासिल हुई है. भारत में आर्थिक सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गई है. वैकल्पिक निवेश कोष की विभिन्न क्षमताओं (AIF) को भी अधिक लचीलापन दिया गया है."

भविष्य निधि और सेवानिवृत्ति निधि के लिए निवेश दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, वित्त मंत्री ने आगे यह कहा कि, ओवर-द-काउंटर लेनदेन की रिपोर्टिंग के लिए विंडो को भी तीन घंटे तक बढ़ा दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि, निवेशकों की सुरक्षा पर उचित ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि यह निवेशकों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

"स्टार्टअप" पहले चरण में संचालित होने वाली एक ऐसी कंपनी को कहा जाता है जो किसी नए या यूनिक बिजनेस आईडिया के मुताबिक अपना प्रोडक्शन शूरू करती है या फिर, अपने कस्टमर्स को कोई यूटिलिटी सर्विस उपलब्ध करवाती है. कोई भी स्टार्टअप कंपनी अक्सर एक या एक से अधिक उद्यमियों द्वारा शुरू की जाती है और जिसका उद्देश्य कस्टमर्स की प्रोडक्ट बेस्ड या डेली लाइफ की अन्य अनेक नीड्स के मुताबिक अपना प्रोडक्शन कारोबार शुरू करना या अपने कस्टमर्स को कोई एसेंशियल सर्विस उपलब्ध करवाना होता है. भारत में इस समय लगभग 57 हजार स्टार्टअप कंपनियां है जिनमें से 65 स्टार्टअप्स अब तक यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो चुके हैं.

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