06 August 2022

जस्टिस यूयू ललित होंगे भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस उदय यू ललित भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं. भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने 4 अगस्त, 2022 को उनके उत्तराधिकारी के रूप में न्यायमूर्ति यूयू ललित के नाम की सिफारिश की. 
भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना 27 अगस्त, 2022 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. भारत के नए मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल तीन महीने से कम का होगा. न्यायमूर्ति एसएम सीकरी (1971-1973 तक सीजेआई) के बाद वह भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद पर बार (Bar) से पदोन्नत होने वाले एकमात्र दूसरे न्यायाधीश होंगे. न्यायमूर्ति यूयू ललित को अगस्त 2014 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था.

05 August 2022

बिहार के मुंगेर में दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय, जानें इसका इतिहास

दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय होने का गौरव बिहार के मुंगेर स्थित योग आश्रम  को प्राप्त है. यहां से शिक्षा लेकर हर साल सैकड़ों योग साधक दुनिया भर में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. मुंगेर जिले को योग नगरी के नाम से भी जाना जाता है. 
मौजूदा वक्त की बात करें तो मुंगेर में विश्वविद्यालय तो नहीं रहा, लेकिन अभी भी यहां पर मुंगेर योगाश्रम संचालित हो रहा है. इसे बिहार योग विद्यालय यानि बिहार स्कूल ऑफ योगा (BSY) के नाम से जाना जाता है. इसकी स्थापना 1963 में सत्यानंद सरस्वती ने की थी. योगाचार्य, योग शिक्षक बनने के लिए यहां चतुर्मासिक सत्र का संचालन होता है.

29 July 2022

लालबहादुर शास्त्री

लालबहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे. वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे. इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा. शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की. भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था. गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया. परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों (कण्डक्टर्स) की नियुक्ति की थी. पुलिस मंत्री होने के बाद उन्होंने

इन्दिरा गाँधी

इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं. वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं. 
इन्दिरा का जन्म 19 नवम्बर 1917 को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेहरू परिवार में हुआ था. इनके पिता जवाहरलाल नेहरू और इनकी माता कमला नेहरू थीं. इन्दिरा को उनका "गांधी" उपनाम फिरोज़ गाँधी से विवाह के पश्चात मिला था. इनका मोहनदास करमचंद गाँधी से न तो खून का और न ही शादी के द्वारा कोई रिश्ता था. इनके दादा मोतीलाल नेहरू एक प्रमुख भारतीय राष्ट्रवादी नेता थे. इनके पिता जवाहरलाल नेहरू भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के एक प्रमुख व्यक्तित्व थे और आज़ाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री रहे.

15 July 2022

अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी  भारत के तीन बार प्रधानमंत्री रहे. वे पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, तथा फिर 1998 मे और फिर 19 मार्च 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे. वे हिंदी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे. वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे. उन्होंने लंबे समय तक राष्‍ट्रधर्म, पाञ्चजन्य (पत्र) और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया. 
वह चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे, लोकसभा, निचले सदन, दस बार, और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे. अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारंभ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)

14 July 2022

ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम

अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम जो मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति नाम से भी जाने जाते हैं, भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे. वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और इंजीनियर के रूप में विख्यात थे. उन्होंने सिखाया जीवन में चाहें जैसे भी परिस्थिति क्यों न हो पर जब आप अपने सपने को पूरा करने की ठान लेते हैं तो उन्हें पूरा करके ही रहते हैं. कलाम के विचार आज भी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. 
इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संभाला व भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के

12 July 2022

पुरुषोत्तम दास टंडन

पुरुषोत्तम दास टंडन आधुनिक भारत के प्रमुख स्वाधीनता सेनानियों में से एक थे. वे 'राजर्षि' के नाम से भी विख्यात थे. उन्होंने अपना जीवन एक वकील के रूप में प्रारम्भ किया था. हिन्दी को आगे बढ़ाने और इसे राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने के लिए पुरुषोत्तम दास जी ने काफ़ी प्रयास किये थे. वे हिन्दी को देश की आज़ादी के पहले आज़ादी प्राप्त करने का साधन मानते रहे और आज़ादी मिल जाने के बाद आज़ादी को बनाये रखने का. वर्ष 1950 में वे 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष नियुक्त हुए थे. पुरुषोत्तम दास टंडन को भारत के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में नयी चेतना, नयी लहर, नयी क्रान्ति पैदा करने वाला कर्मयोगी कहा गया है. वर्ष 1961 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से भी सम्मानित किया गया था.

09 July 2022

वी के कृष्ण मेनन

वेंङालिल कृष्णन कृष्ण मेनोन जिन्हें सामान्यतः कृष्ण मेनोन कहा जाता है, एक भारतीय राष्ट्रवादी, राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ, तथा  भारत के पूर्रव क्षा मंत्री थे. 
मेनन का जन्म कोजीकोड, केरल में पन्नियंकरा में ब्रिटिश मालाबार के वेंगालिल परिवार में हुआ था. उनकी माता 1815 से 1817 के दौरान त्रावणकोर के दीवान रहे रमन मेनन की पौत्री थीं और गौरी पार्वती बाई की सेवा करती थीं. उनके पिता कोमाथु कृष्ण कुरुप कदाथनाडु के राजा के पुत्र थे और एक धनी तथा प्रभावशाली वकील थे. मेनन की प्रारंभिक शिक्षा थालास्सेरी में हुई तथा बी.ए. की उपाधि उन्होंने चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज से प्राप्त की थी.

डॉ0 राममनोहर लोहिया

डॉ0 राममनोहर लोहिया भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा समाजवादी राजनेता थे. 
डॉ0 राममनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद में (वर्तमान-अम्बेडकर नगर जनपद) अकबरपुर नामक स्थान में हुआ था. उनके पिताजी श्री हीरालाल पेशे से अध्यापक व हृदय से सच्चे राष्ट्रभक्त थे. ढाई वर्ष की आयु में ही उनकी माताजी चन्दा देवी का देहान्त हो गया. उन्हें दादी के अलावा सरयूदेई, (परिवार की नाईन) ने पाला. टंडन पाठशाला में चौथी तक पढ़ाई करने के बाद विश्वेश्वरनाथ हाईस्कूल में दाखिल हुए. उनके पिताजी गाँधीजी के अनुयायी थे. जब वे गांधीजी से मिलने जाते तो राम मनोहर को भी अपने साथ ले जाया करते थे. इसके कारण गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ. 

08 July 2022

जेबी कृपलानी

जीवटराम भगवानदास कृपलानी  भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी, गांधीवादी, समाजवादी, पर्यावरणवादी  राजनेता थे. 
उन्हें सम्मान से आचार्य कृपलानी कहा जाता था. वे सन् 1947 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे जब भारत को आजादी मिली. जब भावी प्रधानमंत्री के लिये कांग्रेस में मतदान हुआ तो तो सरदार पटेल के बाद सबसे अधिक मत उनको ही मिले थे. किन्तु गांधीजी के कहने पर सरदार पटेल और आचार्य कृपलानी ने अपना नाम वापस ले लिया और जवाहर लाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया. कृपलानी ने 1977 में जनता सरकार के गठन में अहम भूमिका निभायी. कृपलानी गांधीवादी दर्शन के एक प्रमुख व्याख्याता थे और उन्होंने इस विषय पर अनेक पुस्तकें लिखीं.