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11 October 2017

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले बिम्‍सटेक आपदा प्रबंधन अभ्‍यास का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 अक्टूबर को पहली चार दिवसीय बिम्सटेक देशों की आपदा प्रबंधन अभ्यान-2017 का उद्धाटन किया गया. इस दौरान राजनाथ सिंह ने साझा अभ्यास में शामिल होने आए बिम्सटेक देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि आपकी उपस्थित आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है. राजनाथ सिंह ने कहा कि इस वर्ष मानसून सत्र में बाढ़, भूस्खलन ने काफी तबाही मचायी है, जिससे बिम्सटेक देशों के लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. इन घटनाओं ने आपदा प्रबंधन में साझा सुधार की ओर ध्यान दिलाया. एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 1996 से 2015 के दरम्यान बिम्सटेक देशों में करीब 317,000 लोंगों की आपदा में मौत हुई है. इस दौरान करीब 16 मिलियन लोग बेघर हुए.
राजनाथ सिंह की ओर से इन आपदाओं के लिए जलवायु परिवर्तन को एक अहम वजह बताया गया, जिसकी वजह से बाढ़, सूखा, लू, समुद्री तूफान आते हैं. इसके चलते बिम्सटेक देशों को जलवायु परिवर्तन की ओर ध्यान देने के साथ ही राजनाथ सिंह ने आपदा प्रबंधन पर काम करने की बात दोहराई. राजनाथ सिंह ने कहा कि बीते दो दशकों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कुछ देशों ने बेहतरीन कार्य किया है. उन्‍होंने समुद्री तूफान से निपटने में बाग्लादेश के कारगर कदमों की सराहना की. बांग्लादेश के इस प्रयासों को वैश्विक स्तर पर कारगर माना गया है. थाईलैंड में सुनामी के वार्निंग सिस्टम की अंतिम छोर तक पहुंचाने की बात कही गई. उनकी ओर से फैलिन और हुदहुद के दौरान उठाए के सुऱक्षा कदमों की जिक्र किया गया. उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में सुनामी की तत्काल वार्निंग के सिस्टम को विकसित किया जा रहा है.
गौरतलब है कि इस साल सात फरवरी को नेपाल की राजधानी काठमांडू में संपन्न 17वें बिम्सटेक के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि भारत इस क्षेत्र में पहले वार्षिक आपदा प्रबंधन अभ्यास का आयोजन करेगा. बिम्सटेक के सात सदस्‍यों में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं. यह अभ्यास बिम्सटेक के सदस्य देशों के लिए आपदा जोखिम कटौती (डीआरआर), आपदा प्रबंधन में क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक उपयोगी मंच साबित होगा. यह 10 से 13 अक्टूबर तक दिल्ली और एनसीआर में एनडीआरएफ द्वारा आयोजित किया जा रहा है.

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