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29 August 2018

आयुष्मान भारत के कार्यान्वयन के लिए 29 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ता‍क्षर किए

प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना के कार्यान्‍वयन के लिए 29 राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों ने समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए हैं. इन राज्यों ने पहले से ही इस योजना के कार्यान्वयन पर काम करना शुरू कर दिया है. 16 राज्‍यों/ संघ शासित प्रदेशों में प्रारंभिक कार्य शुरू हो गया है. 25 सितम्‍बर 2018 को इस योजना के पूरी तरह शुरू होने से पहले अन्‍य राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों में भी प्रारंभिक कार्य शुरू हो जाएगा. योजना के तहत स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की सुरक्षा और उसके भंडारण को लेकर ऐसी व्यवस्था की गयी है जिससे संबंधित व्यक्ति की मंजूरी के बिना साझा नहीं किया जाएगा. सरकार ने स्‍वास्‍थ्‍य बीमा लागू करने के लिए राज्‍य सरकारों को उनकी सुविधा के हिसाब से तरीके चुनने की पूरी छूट दी है. प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना (पीएमजेएवाई) के एक प्रतीक चिन्‍ह का भी अनावरण किया.

आयुष्‍मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना (एबी-पीएमजेएवाई): आयुष्मान भारत योजना, भारत सरकार की एक प्रस्तावित योजना हैं. इस योजना को 01 अप्रैल 2018 को लागू किया गया था. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (बीपीएल धारक) को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है. इसके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जायेगा. 10 करोड़ बीपीएल धारक इस योजना प्रत्यक्ष लाभ उठा सकेगें. इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है. इस योजना के तहत शामिल लाभार्थी परिवारों को देश भर में किसी भी सार्वजनिक या निजी अस्पतालों से कैशरहित लाभ लेने की अनुमति दी जाएगी. लाभार्थियों का निर्णय सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना 2011 (एसईसीसी) डेटाबेस के आधार पर किया जाएगा.

एबी-पीएमजेएवाई का उद्देश्‍य गरीबों के लिए अस्‍पताल में इलाज के खर्च को कम करना, अतृप्‍त जरूरतों को पूरा करना और पहचाने गए परिवारों को अस्‍पताल में गुणवत्‍तापूर्ण चिकित्‍सा उपलब्‍ध कराना है. सेवाओं में 1300 से अधिक प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें अस्‍पताल में भर्ती होने से पहले और बाद दी जाने वाली सुविधा, दवाएं आदि शामिल है और लाभार्थी प्रदाता नेटवर्क के जरिए देशभर में इन सुविधाओं को प्राप्‍त कर सकेंगे. आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 55 करोड़ लोगों को लाभ होगा क्योंकि 10.74 करोड़ परिवार को इसके दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है.

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इस समझौता ज्ञापन के तहत एक लाख आरोग्‍य मित्रों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. आरोग्‍य मित्रों के क्षमता विकास के लिए राष्‍ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) अपने कौशल विकास केन्‍द्रों सहित प्रधानमंत्री कौशल केन्‍द्रों के जरिए राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी (एनएचए) की मदद करेगा. इसके तहत एक लाख आरोग्य मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रधानमंत्री कौशल केन्‍द्रों का इस्‍तेमाल आरोग्‍य मित्रों को अस्‍पतालों में प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र देने के लिए किया जाएगा. एनएसडीसी स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र कौशल परिषद की मदद से प्रशिक्षण पाठयक्रम तैयार कर रहा है. भविष्‍य में एनएसडीसी के प्‍लेटफॉर्म का इस्‍तेमाल आरोग्‍य मित्रों के अलावा अन्‍य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए भी किया जाएगा.

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