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15 September 2018

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लगेंगे 1.46 लाख सीसीटीवी कैमरे, हेतु उच्च न्यायालय ने दी मंजूरी

दिल्ली के सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए हाई कोर्ट ने अपनी मंजूरी दे दी है. दिल्ली सरकार ने सभी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट में दिल्ली सरकार के इसी आदेश को चुनौती दी गई थी तथा आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने 13 सितंबर 2018 को यह याचिका खारिज खरीज कर दी. दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पासवर्ड से सुरक्षित होगी और सिर्फ अभिभावक ही इसे एक्सेस कर पाएंगे. दिल्ली सरकार का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के यौन शोषण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ये कदम उठाया गया है.

विदित हो कि गुरुग्राम के एक प्राइवेट स्कूल में छात्र की बेरहमी से की गई हत्या के बाद दिल्ली सरकार ने स्कूल की सभी कक्षाओं तक में सीसीटीवी कैमरा लगवाना अनिवार्य किया था. इसके लिए दिल्ली सरकार की तरफ से एक सर्कुलर भी जारी किया गया था. दिल्ली के तकरीबन 5 हजार सरकारी स्कूलों में दिल्ली सरकार सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया था. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर सवाल उठाया गया था कि सरकार बच्चों की निजता के साथ समझौता कर रही है और याचिका में कहा गया था कि खासतौर से वह छात्राएं जो छठी कक्षा से 12वीं कक्षा के बीच में है उनके क्लास रूम में इस तरह से सीसीटीवी कैमरे लगाया जाना उनकी निजता को भंग करने के जैसा है.

सरकार के आदेशानुसार स्कूलों की सभी कक्षाओं के साथ प्रधानाचार्य के कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही स्कूलों के हर कोने को सीसीटीवी की निगरानी में लाया जाएगा. स्कूल का मुख्य प्रवेश और निकास द्वार सीसीटीवी के कवरेज क्षेत्र में आना चाहिए. साथ ही स्कूलों में शौचालय के प्रवेश द्वार पर भी सीसीटीवी लगाए जाएंगे. स्कूलों में कैमरे लगाए जाने के बाद इनकी निगरानी के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य के कक्ष में निगरानी कक्ष स्थापित किया जाएगा. प्रधानाचार्य हर कक्ष व स्कूल के हर कैमरे में दर्ज होने वाली गतिविधि को एलईडी स्क्रीन पर देख सकेंगे.

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