मासिक करेंट अफेयर्स

02 September 2018

अमेरिका ने पाकिस्तान को दिया झटका, 30 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रद्द की

अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान को ‘गठबंधन सहायता निधि' के तहत दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर (लगभग 2100 करोड़ रुपये) की आर्थिक मदद रद्द कर दी हैं. उसने कहा कि पाकिस्तान के दक्षिण एशिया क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति के समर्थन में निर्णायक कार्रवाई करने में नाकाम रहने के कारण यह निर्णय किया है. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने 01 सितम्बर 2018 को यह जानकारी दी. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोनी फॉकनर ने शनिवार को एक बयान में कहा, हमारी दक्षिण एशिया रणनीति के समर्थन में पाकिस्तान की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस कारण हम गठबंधन सहायता निधि के तहत बाकी बची 30 करोड़ डॉलर की धनराशि भी रोक रहे हैं.

फॉकनर ने कहा, हम लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाते रहे कि वह अपने यहां सभी आतंकी गुटों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अब इस फैसले को कांग्रेस से मंजूरी मिलने के बाद पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की धनराशि का इस्तेमाल रक्षा मंत्रालय अपनी आवश्यक प्राथमिकताओं के लिए करेगा. अमेरिकी ने पाकिस्तान की नई सरकार को करारा झटका दिया है. अमेरिका का यह कदम इमरान खान की अगुआई वाली सरकार की मुश्किल और बढ़ा सकता है, जो पहले ही देश की बदहाल अर्थव्यवस्था से जूझ रही है. मालूम हो कि अमेरिका पाक को यह मदद आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में सहयोग के लिए देता रहा है.

इससे पहले भी अमरीका ने इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान को 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रद्द कर दी थी. कुल मिलाकर अमेरिका ने 5680 करोड़ रुपए की सहायता राशि रद्द कर चुका है. अमेरिका सरकार ने जनवरी 2018 में घोषणा की थी कि वह देश पाकिस्तान को मिलने वाली सभी सुरक्षा राशि को लगभग खत्म कर रहा है. अमेरिका के अलावा दूसरे देश लंबे समय से आतंकियों और उनके संगठनों को सुरक्षित आसारा मुहैया करवाने के लिए पाकिस्तान की शिकायत करते रहे हैं. हालांकि अमेरिका के दावों को पाकिस्तान खारिज करता रहा है.

ट्रंप पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में मदद के नाम पर अमेरिका से अरबों डॉलर लेकर उसे धोखा दे रहा है. गौरतलब है कि साल 2002 से पाकिस्तान को अमेरिका से आर्थिक मदद के तौर पर 33 अरब डॉलर से अधिक की धनराशि मिलती रही है. इसमें 14 अरब डॉलर की गठबंधन सहयोग धनराशि भी हैं. पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है. मई 2017 में जहाँ पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, वहीं अब ये 10 अरब डॉलर के नीचे पहुँच गया है. विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के कारण चालू खाता घाटा का संकट और गहरा गया है.

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