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02 September 2018

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 01 सितंबर 2018 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से भारतीय डाक के भुगतान बैंक 'इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक' (आईपीपीबी) की शुरुआत की. इसके साथ देशभर में इसकी 650 शाखाएं और 3,250 डाकघरों में एक्सेस सेंटर यानी सेवा केंद्र शुरू हो गयी. देश भर में सभी 1.55 लाख डाकघर 31 दिसंबर, 2018 तक आईपीपीबी प्रणाली से जुड़ जाएंगे. आईपीपीबी बचत और चालू खातों, धन हस्तांतरण, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, बिल और उपयोगिता भुगतान और उद्यम एवं वाणिज्यिक भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. आईपीपीबी का शुभारंभ तेजी से विकास की ओर बढ़ते भारत का लाभ देश के दूरस्थ कोनों में सुलभ कराने संबंधी केन्द्र सरकार के प्रयासों को मजबूती देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

मोदी ने स्टेडियम में मौजूद और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यमों से लोगों को संबोधित करते हुये कहा, आज से डाकिया डाक लाया के साथ-साथ डाकिया बैंक भी लाया है. उन्होंने कहा कि आज देश को बहुत बड़ा नजराना मिलने जा रहा है. आईपीपीबी देश के अर्थतंत्र और सामाजिक व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन करने जा रहा है. सरकार ने जनधन के जरिये गरीबों को पहली बार बैंक तक पहुँचाया था. आज इस पहल से हम बैंक को गरीबों तक पहुंचा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि 'आपका बैंक, आपके द्वार' सिर्फ आईपीपीबी का घोष वाक्य नहीं है, यह सरकार का सपना भी है. हमारा चिट्ठी देने वाला डाकिया चलता-फिरता बैंक बन गया है.

भारतीय समाज में डाकिये के महत्त्व का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा, कभी सरकारों के प्रति भी लोगों का विश्वास डगमगाया होगा, लेकिन डाकिये के प्रति कभी विश्वास नहीं डगमगाया. मोदी ने कहा कि यह सिर्फ बैंक नहीं है यह गांव, गरीब, मध्यम वर्ग का विश्वस्त सहयोगी भी साबित होने वाला है. जो भावना और विश्वसनीयता पहले डाकियों के प्रति थी अब भी वैसी ही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समय के साथ चलते हुए व्यवस्था में बदलाव में विश्वास रखती है. जनधन खाते, वस्तु एवं सेवा कर आदि के बाद अब इसी कड़ी में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक भी जुड़ गया है. 

उन्होंने कहा कि डाक विभाग के देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा डाकघर हैं जिनमें सवा लाख से अधिक ग्रामीण इलाकों में हैं. उसके तीन लाख डाकिये और ग्रामीण डाक सेवक जन-जन से जुड़े हुए हैं. अब डाकिये के हाथ में स्मार्टफोन और झोले में मशीन होगी और वह चलता-फिरता बैंक बन जायेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि आईपीपीबी डिजिटल लेनदेन की व्यवस्था को विस्तार देने की भी ताकत रखता है. इसमें बचत खाता, चालू खाता, धन हस्तांतरण, बिल भुगतान, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी सुविधाएँ होंगी. तीसरे पक्ष के सहयोग से आईपीपीबी ऋण और बीमा भी देगा. उन्होंने बताया कि ये सभी सेवाएँ बैंक के काउंटर के अतिरिक्त डाकिये घर आकर भी देने वाले हैं.

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