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04 September 2018

वोडाफोन-आइडिया का विलय पूरा, बनी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी

आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन इंडिया का विलय पूरा हो गया है, और इसी के साथ देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अस्तित्व में आ गई है, जिसके ग्राहकों की संख्या 40.8 करोड़ है. वोडाफोन-आईडिया के विलय के बाद कंपनी का नया नाम 'वोडाफोन आईडिया लिमिटेड' रखा गया है. वोडाफोन और आईडिया ब्रांड दोनों ही पहले की तरह काम करेंगे. इस विलय के लिए नए बोर्ड का गठन किया गया है, जिसमें 12 निदेशक (छह स्वतंत्र निदेशक शामिल) और कुमारमंगलम बिड़ला चेयरमैन होंगे. निदेशक मंडल ने बालेश शर्मा को सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) नियुक्त किया है. इस कंपनी के आने से भारतीय टेलीकॉम मार्केट में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ जाएगी. रिलायंस जियो के आने से टेलीकॉम मार्केट में प्रतिस्पर्धा पहले से काफी बढ़ गई और अब वोडाफोन-आईडिया के विलय के बाद इसके और बढ़ने की उम्मीद है.

कंपनी के पास आय के हिसाब से 32.2 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी होगी और नौ दूरसंचार सर्किलों में वह पहले पायदान पर होगी. दोनों ब्रांड वोडाफोन और आइडिया बने रहेंगे. दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड अपने वृहत आकार के साथ भारती एयरटेल को पीछे छोड़ देगी, जो फिलहाल देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है. रिलायंस जियो के बाजार में आने के साथ दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्द्धा तेज हुई है. कंपनी का ब्रॉडबैंड नेटवर्क 3.4 लाख साइट जबकि वितरण नेटवर्क 17 लाख होगा.

विलय से सालाना 14,000 करोड़ रुपये की आय सृजित होने का अनुमान है. कंपनी का शुद्ध कर्ज़ 30 जून, 2018 को 1,09,200 करोड़ रुपये था. इस विलय के साथ दो लाख मोबाइल साइट और करीब 2.35 लाख किलोमीटर फाइबर के साथ 1,850 मेगाहर्ट्ज़ का व्यापक स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो होगा. इससे ग्राहकों को बातचीत और ब्रॉडबैंड के मामले में पहले से बेहतर सेवा मिल पाएगी. कुल मिलाकर यह देश की 92 प्रतिशत आबादी को 'कवर' करेगी और इसकी पहुंच 5,00,000 शहरों तथा गांवों में होगी.

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