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04 October 2018

हरियाणा को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018’ में सर्वोच्च राज्य का पुरस्कार

हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए ‘स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018’ के तहत सर्वोच्च राज्य का पुरस्कार मिला. यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दिया. ‘स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018’ के तहत स्वच्छता के क्षेत्र में देश में सर्वोच्च स्थान के पुरस्कार प्राप्त करने वाले देश के छह जिलों में हरियाणा के तीन जिले गुरूग्राम, करनाल और रेवाडी भी शामिल हैं.
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने भी नई दिल्ली में आयोजित समारोह में हरियाणा के उक्त तीन जिलों को सर्वोच्च जिला श्रेणी के पुरस्कार प्रदान किया. इस समारोह में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ भी मौजूद थे. बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत हरियाणा राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्र जून, 2017 तक खुले में शौचमुक्त हो चुके हैं. इसके अलावा राज्य के सभी शहरी क्षेत्र भी अक्तूबर, 2017 तक खुले में शौचमुक्त हो चुके हैं.

स्वच्छता के क्षेत्र में हरियाणा में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए सरकार अनेक योजनाएं चलाई रही है. सरकार ने साल 2019 तक हरियाणा के सभी गावों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन इकाईयां स्थापित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. हरियाणा में 1360 गांवों के लिए स्वीकृत की गई ठोस और तरल कचरा प्रबंधन इकाई परियोजनाओं में से कुल 631 ठोस कचरा प्रबंधन इकाई परियोजनाओं के साथ कुल 414 तरल कचरा प्रबंधन इकाई परियोजनाएं भी पूरी की जा चुकी हैं.

महाराष्ट्र के सतारा जिले को कुल 97.90 अंक मिले है और यह जिला देश में पहले स्थान पर रहा है. रेवाड़ी जिले को 97.62 अंक प्राप्त हुए तथा यह दूसरे स्थान पर रहा. इसके अतिरिक्त हरियाणा के गुरुग्राम और करनाल को भी टॉप छह जिलों में स्थान हासिल हुआ. स्वच्छ कैंपस रैंकिंग 2018 में पुणे के सिंबॉयसिस विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान मिला है. पुरस्कार प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों को कैंपस में कचरा संग्रहण व सफाई प्रणाली, कैंपस में हरियाली और वर्षा जल संचयन, शौचालयों की पर्याप्तता और सौर उर्जा प्रणाली व अन्य सुविधाओं को देखकर रैंकिंग दी गई है.

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