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20 April 2021

ब्रिटेन सरकार ने भगोड़े आर्थिक अपराधी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी

यूनाइटेड किंगडम की गृह सचिव प्रीति पटेल ने भगोड़े भारतीय आर्थिक अपराधी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है. इस बारे में 16 अप्रैल, 2021 को केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारी द्वारा सूचित किया गया था. 
यह भारत के लिए बहुत अच्छी खबर है, क्योंकि नीरव मोदी भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों में वांछित है. नीरव मोदी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के नियंत्रण में शामिल मामलों में कई आरोप लगे हुए हैं. उन पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 14000 करोड़ रुपये (2.2 बिलियन डॉलर) से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है. यह हीरा व्यापारी वर्ष, 2018 में, इससे पहले कि मामला प्रकाश में आए और कार्रवाई की जा सके, यूनाइटेड किंगडम भाग गया. तब से, भारत सरकार नीरव मोदी को वापस लाने की कोशिश कर रही है. उसे वर्ष, 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में है.

25 फरवरी, 2021 को ब्रिटेन की एक अदालत ने नीरव मोदी की 'मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं' के बारे में उनकी दलीलों को खारिज कर दिया और भारत में मुकदमा चलाने के लिए उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया. वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत के न्यायाधीश सैमुअल गूजी ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के खिलाफ उसके बचाव में सभी आधारों को खारिज कर दिया. यूनाइटेड किंगडम के गृह कार्यालय के एक प्रवक्ता ने 16 अप्रैल, 2021 को एक बयान में यह कहा है कि इस प्रत्यर्पण आदेश पर 15 अप्रैल को हस्ताक्षर किए गए थे. हालांकि, नीरव मोदी 14 दिनों के भीतर जिला अदालत और सचिव के फैसले के खिलाफ ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं.

एक अन्य प्रमुख भगोड़ा आर्थिक अपराधी विजय माल्या है, जिसे वर्ष, 2019 में ब्रिटिश होम ऑफिस द्वारा प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया गया था, लेकिन तब से उसने वहीँ से अपील की है और लंदन में ही अपना मुकदमा लड़ रहा है.

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