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28 May 2021

नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में स्पेन का सर्वोच्च पुरस्कार मिला

भारतीय अर्थशास्त्री एवं नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को 26 मई 2021 को सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में स्पेन के सर्वोच्च पुरस्कार ‘प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस अवार्ड’ से नवाजा गया है. 
प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस फाउंडेशन ने 26 मई 2021 को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 87 वर्षीय सेन को 20 देशों के 41 उम्मीदवारों में से इस पुरस्कार के लिए चुना गया. अमर्त्य सेन को उनके सबसे प्रसिद्ध कार्य “गरीबी और अकाल” के लिए चुना गया. प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस फाउंडेशन ने कहा कि भुखमरी पर उनके अनुसंधान और मानव विकास पर उनके सिद्धांत, लोक कल्याण से जुड़ी अर्थ नीतियों ने अन्याय, असमानता, बीमारी और अज्ञानता से लड़ने में योगदान दिया है. 

पुरस्कार में जोआन मिरो की प्रतिमा और 50,000 यूरो नकद दिए जाते हैं. जूरी ने कोविड-19 की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पुरस्कार की घोषणा की. सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में ‘प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस अवार्ड’ इतिहास, कानून, भाषा, शिक्षण, राजनीति विज्ञान, समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र, भूगोल, अर्थशस्त्र आदि में शोध कार्य के लिए दिया जाता है.

अमर्त्य सेन का जन्म वर्ष 1933 में कोलकाता में हुआ था. उनकी शिक्षा कोलकाता के शांतिनिकेतन, ‘प्रेसीडेंसी कॉलेज’ तथा कैंब्रिज के ट्रिनीटी कॉलेज से पूर्ण हुई. वर्तमान में अमर्त्य सेन हावर्ड विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं. उन्होंने इसके अलावा जादवपुर विश्वविद्यालय, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में भी अध्यापन का कार्य किया है. वे एक महान अर्थशास्त्री एवं दार्शनिक हैं. उनका जीवन नागरिकों की आर्थिक स्वतंत्रता एवं मानव कल्याण हेतु अपने ज्ञान के माध्यम से प्रयास करने पर केंद्रित है. डॉ अमर्त्य सेन को 19 जुलाई 2012 को नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय का पहला कुलाधिपति नियुक्त किया गया था. डॉ अमर्त्य सेन को साल 2011 के लिए यूएस नेशनल ह्‌यूमेनिटिज मैडल के लिए चुना गया. अमर्त्य सेन को साल 1998 में अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार दिया गया.

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