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28 May 2021

मालदीव के अड्डू शहर में खुलेगा भारत का पहला वाणिज्य दूतावास

केंद्र सरकार ने मालदीव में भारत की राजनयिक मौजूदगी को बढ़ावा देने के लिए इस साल वहां के अड्डू शहर में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने की 25 मई 2021 को मंजूरी दे दी है. मालदीव में पहला वाणिज्य दूतावास खोलने संबंधी निर्णय मालदीव में चीन के प्रभाव बढ़ाने के लगातार प्रयासों के बीच आया है. 
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2021 में मालदीव के अड्डू शहर में भारत के एक नए वाणिज्य दूतावास को खोलने की मंजूरी दे दी है. इसमें कहा गया है कि भारत की ‘पड़ोस पहले की’ नीति’ में इस देश (मालदीव) का अहम स्थान है.

बयान में कहा गया है कि वाणिज्य दूतावास के खुलने से मालदीव में भारत की राजनयिक मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे मौजूदा संबंधों और आकांक्षाओं को सुदृढ़ बनाया जा सकेगा. केंद्र सरकार ने कहा कि यह सभी के लिए विकास या 'सबका साथ, सबका विकास' और भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता में शामिल विकास के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक 'दूरदर्शी कदम' है. बयान में कहा गया है कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत’ के हमारे लक्ष्य के अनुरूप घरेलू उत्पादन और रोजगार को बढ़ाने में इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा. मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है और प्रधानमंत्री की ‘‘सागर’’ (क्षेत्र में सबकी सुरक्षा व विकास) की अवधारणा में प्रमुख और विशेष स्थान रखता है.

भारत-मालदीव संबंध: भारत और मालदीव के बीच जातीय, भाषाई, सांस्कृतिक, धार्मिक और वाणिज्यिक संबंध हैं. भारत की पड़ोसी को तरजीह देने और इस क्षेत्र में सबके लिए सुरक्षा तथा विकास की नीति में मालदीव का महत्‍वपूर्ण स्‍थान है. मालदीव और भारत के बीच राजनैतिक संबंध के अलावा सामाजिक, धार्मिक और कारोबारी रिश्ता भी रहा है. मालदीव में लगभग 25 हजार भारतीय भी निवास करते हैं. भारतीय समुदाय मालदीव में निवास करने वाला दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है. मालदीव के विकास में भारत एक प्रमुख भागीदार रहा है और उसने मालदीव के कई प्रमुख संस्थानों की स्थापना करने में सहायता की है. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) फरवरी 1974 से मालदीव के आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. भारत ने मालदीव को उसकी आवश्यकता के समय हमेशा सहायता की पेशकश की है. मालदीव में 26 दिसंबर 2004 को आई सुनामी के बाद मालदीव को राहत और सहायता पहुँचाने वाला भारत पहला देश था.

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