मासिक करेंट अफेयर्स

06 May 2021

रवि शंकर बने RBI के चौथे डिप्टी गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक  ने टी रवि शंकर को आरबीआई का नया डिप्टी गवर्नर बनाया है. वे केंद्रीय बैंक की अनुषंगी कंपनी इंडियन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड एलाइड सर्विसेज के चेयरमैन थे. 
उनका कार्यकाल तीन साल का होगा. रवि शंकर इससे पहले आरबीआई के कार्यकारी निदेशक थे. तीन अन्य डिप्टी गवर्नर माइकल डी पात्रा, मुकेश कुमार जैन और राजेश्वर राव है. डिप्टी गवर्नर पद पर शंकर की नियुक्ति के साथ आरबीआई ने डिप्टी गवर्नरों के पोर्टफोलियो में फेरबदल किया है. RBI ने इसके साथ ही चारों डिप्टी गवर्नर के बीच विभागों बंटवारा कर दिया.

रवि शंकर आरबीआई के चार डिप्टी गवर्न स्तर के अधिकारियों में एक होंगे. बीपी कानूनगो के दो अपैल को सेवानिवृत्त होने के बाद से डिप्टी गवर्नर का चौथा पद खाली था. कानूनगो एक साल सेवा विस्तार के बार सेवानिवृत्त हुए. केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने हाल ही में रविशंकर की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी. वे कानूनगो के विभाग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं जो फिनटेक, सूचना प्रौद्योगिकी, भुगतान प्रणाली और लोखिम निगरानी के प्रभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

रवि शंकर सितंबर 1990 में आरबीआई में अनुसंधान अधिकारी के रूप में नियुक्त किए गए थे. उन्होंने बीएचयू से विज्ञान एवं सांख्यिकी में स्नात्कोत्तर स्तर की पढ़ाई की. वे इंस्टिट्यूट आफ इकोनामिक ग्रोथ से विकास योजना का डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी किए हुए हैं. वे पिछले साल इंडियन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड एलाइड सर्विसेज के चेयरमैन बनाए गए थे. इससे पहले वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक के साथ भी भारत सरकार की ओर से काम कर चुके हैं. उन्होंने नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अर्थशास्त्र में एमफिल किया है.

No comments:

Post a Comment