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28 June 2021

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सेंट्रल रेलसाइड वेयरहाउस और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन का होगा विलय

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23 जून 2021 को सेंट्रल रेलसाइड वेयरहाउस कंपनी लिमिटेड' (सीआरडब्ल्यूसी) और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन' (सीडब्ल्यूसी) के विलय को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में फैसले के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. 
केंद्र सरकार के इस फैसले से दोनों कंपनियों की वेयरहाउसिंग, हैंडलिंग और परिवहन जैसे कार्य का संचालन एक ही जगह से होने लगेगा. इससे रेलवे के गोदामों में दक्षता, अधिकतम क्षमता उपयोग, पारदर्शिता, पूंजी प्रवाह और रोजगार सृजन के अवसर प्राप्त होंगे.

केंद्र सरकार के इस फैसले से कारपोरेट कार्यालय के किराए, कर्मचारियों के वेतन और अन्य प्रशासनिक खर्च में बचत होने से रेल साइड वेयरहाउस कांप्लेक्स के प्रबंधन व्यय में पांच करोड़ रुपए तक की कमी का अनुमान लगाया गया है. विलय की इस प्रक्रिया के पूरा होने से माल गोदाम स्थलों के पास कम से कम 50 और रेल साइड गोदामों को स्थापित करने की सुविधा मिलेगी. इससे कुशल कामगारों के लिए 36,500 और अकुशल कामगारों के लिए 9,12,500 श्रम दिवसों के बराबर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. इस विलय की प्रक्रिया अगले आठ महीने में पूरी होने की उम्मीद है.

सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन' (सीडब्ल्यूसी) का गठन 1957 में हुआ. यह केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कृषि उपज और कुछ अन्य वस्तुओं के भंडारण के उद्देश्य व उससे जुड़े मामलों के लिए वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के निगमन और विनियमन के लिए सेवाएं प्रदान करती है. यह कंपनी कृषि उपज व अन्य वस्तुओं का भंडारण करती है, जिसकी कुल पूंजी एक सौ करोड़ रुपये है.

कंपनी ने साल 2007 में सेंट्रल रेल साइड वेयरहाउस कंपनी लिमिटेड (सीआरडब्लूसी) नाम की एक अलग सहायक कंपनी का गठन किया. यह रेलवे से पट्टे पर ली गई थी. यह कंपनी रेलवे ट्रैक के पास रेलवे की अधिग्रहित भूमि पर रेल साइड गोदाम बना रही थी. सीआरडब्लूसी 50 स्थायी कर्मचारियों और 48 आउटसोर्स कर्मचारियों वाला छोटा संगठन है, जो देशभर में 20 रेल साइड वेयरहाउस संचालित करती है.

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