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24 July 2021

भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी IOC मथुरा रिफाइनरी में देश का पहला 'ग्रीन हाइड्रोजन' प्लांट बनाएगा स्थापित करेगा

भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) अपनी मथुरा रिफाइनरी में देश का पहला 'ग्रीन हाइड्रोजन' प्लांट बनाएगा. इस कदम का उद्देश्य भविष्य में तेल और ऊर्जा के स्वच्छ रूपों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार करना है. 
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन, और स्टोरेज टेक्नोलॉजी-स्पेस पर अनुसंधान को आगे बढ़ा रहा है, जहां वह अपने पेरिस जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैश्विक सहयोग का प्रयास कर रहा है.

हाइड्रोजन, अपने आप में एक स्वच्छ ईंधन है, लेकिन इसका निर्माण ऊर्जा-गहन है और इसमें कार्बन उप-उत्पाद भी निकलते हैं. ब्राउन हाइड्रोजन का निर्माण कोयला गैसीकरण के माध्यम से होता है जबकि, ग्रे हाइड्रोजन बनाने की प्रक्रिया कार्बन कचरे को उत्पन्न करती है. दूसरी ओर, ग्रे हाइड्रोजन के निर्माण में उत्पन्न होने वाली ग्रीनहाउस गैसों के लिए कार्बन कैप्चर और भंडारण का ब्लू हाइड्रोजन उपयोग करता है. IOC ने देश के कई शहरों में बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों को भी चालू किया है. इस कंपनी ने देश भर में 286 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं और अगले 05 वर्षों में इसे बढ़ाकर 3,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन कर दिया जाएगा.

मथुरा स्थित संयंत्र भारत का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट (हरित हाइड्रोजन संयंत्र) होगा. IOC के अध्यक्ष ने यह बताया कि, उनकी कंपनी की राजस्थान में एक पवन ऊर्जा परियोजना है. इस ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के लिए मथुरा रिफाइनरी को टीटीजेड (ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन) से इसकी निकटता के आधार पर चुना गया है. उन्होंने कहा की वर्ष 2023-24 तक IOC अपनी शोधन क्षमता में 2.5 करोड़ टन की वृद्धि करने जा रही है. फिलहाल, CPCL समेत IOC की क्षमता 85 लाख टन है, जोकि अब 105 करोड़ टन होने जा रही है.

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