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08 October 2021

Nobel Peace Prize 2021: मारिया रेसा और दिमित्री मुराटोव को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

विश्वभर के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जा रही है. फिलीपीन्‍स की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के दमित्री मुराटोव को साल 2021 के लिए शांति का नोबेल पुरस्‍कार दिया गया है. नोबेल पुरस्कार हर साल 10 दिसंबर को प्रदान किए जाते हैं. 
नोबेल कमिटी ने कहा कि अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए दोनों के प्रयासों को देखते हुए यह पुरस्‍कार दिया गया है. अभिव्‍यक्ति की आजादी किसी लोकतंत्र के लिए एक महत्‍वपूर्ण पूर्व शर्त है. नोबेल कमिटी ने दोनों के प्रयासों की सराहना की. बता दें कि कुल 329 उम्मीदवारों में से मारिया रेसा और दिमित्री मुराटोव को नोबेल शांति पुरस्कार 2021 के लिए चुना गया है. नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले को अब 1.1 मिलियन डॉलर की इनामी राशि दी जाएगी.

नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के अध्यक्ष बेरिट रीस-एंडरसन ने विजेताओं के नाम को घोषणा करते हुए कहा कि मारिया रेसा अपने मूल देश फिलीपींस में सत्ता के दुरुपयोग, हिंसा और बढ़ते अधिनायकवाद को उजागर किया और उसके खिलाफ लोगों को जागरूक भी किया. विजेता को चुनने वाली कमेटी ने कहा कि दोनों ही पत्रकारों ने फिलिपींस और रूस में 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा' के लिए साहसी लड़ाई लड़ी. कमेटी ने कहा कि दोनों उन पत्रकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सही के लिए खड़े रहते हैं.

मारिया रेसा न्यूज साइट रैप्लर (Rappler) की को-फाउंडर हैं. फिलिपींस में सत्तावादी ताकतों के बढ़ते अत्याचार, हिंसा के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई थी. समिति ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्र और तथ्य-आधारित पत्रकारिता सत्ता के दुरुपयोग, झूठ और युद्ध के प्रचार से बचाने का काम करती है. मारिया रेसा फिलीपीन्‍स के राष्ट्रपति की आलोचक हैं और उन्‍हें पहले भी कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. उन्‍होंने हाल ही में एक फैसले में छह साल कैद की सजा सुनाई गई थी. इस फैसले को देश में प्रेस की स्वतंत्रता को बड़ा झटका माना गया था.

दिमित्री मुराटोव ने स्वतंत्र समाचार पत्र नोवाजा गजेता (Novaja Gazeta) निकाला था. उन्होंने रूस में फ्रीडम ऑफ स्पीच की रक्षा के लिए दशकों तक काम किया है. दिमित्री मुराटोव दशकों से रूस में तेजी से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भाषण की स्वतंत्रता का बचाव किया है. दमित्री मुरातोव रूस में अभिव्‍यक्ति की आजादी की आवाज को बुलंद किए हुए हैं.

नोबेल शांति पुरस्कार किसी उस संगठन या व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने राष्ट्रों के बीच भाइचारे और बंधुत्व को बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ काम किया हो. पिछले साल यह पुरस्कार विश्व खाद्य कार्यक्रम को दिया गया था. इसकी स्थापना साल 1961 में विश्व भर में भूख से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर के निर्देश पर किया गया था.

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