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18 November 2021

अखंड भारत में शासन व्यवस्था और मगध सम्राज्य का उदय

प्राचीन काल में छठी शताब्दी ईoपूo में अखण्ड भारत में शासन व्यवस्था चलाने के लिए अखण्ड भारत को सोलह महाजनपदों में बाटा गया था. इसकी जानकारी बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रन्थ भगवतीसूत्र से प्राप्त होती है. इन 16 महाजनपदों में से 14 राजतंत्र और दो (वज्जि, मल्ल) गणतंत्र थे. बुद्ध काल में सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद था– वत्स, अवन्ति, मगध, कोसल.

सोलह महाजनपद और उसकी राजधानी :
*गांधार : पाकिस्तान स्थित पश्चिमोत्तर क्षेत्र रावलपिंडी से 18 मील उत्तर की ओर, राजधानी तक्षशिला
*कंबोज : आधुनिक अफगानिस्तान, राजधानी राजापुर
*कुरु : दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग, राजधानी पहले ‍हस्तिनापुर और बाद में इन्द्रप्रस्थ
*पंचाल : बरेली, बदायूं और फर्रूखाबाद, राजधानी अहिच्छत्र तथा काम्पिल्य
* कोशल : अवध, राजधानी साकेत और श्रावस्ती
* शूरसेन : मथुरा के आसपास का क्षेत्र, राजधानी मथुरा
* काशी : वाराणसी, राजधानी वाराणसी
* मगध : दक्षिण बिहार, राजधानी गिरिव्रज (आधुनिक राजगृह)
* वत्स : प्रयाग (इलाहाबाद) और उसके आसपास, राजधानी कौशांबी
* अंग : भागलपुर, राजधानी चंपा
* मत्स्य : जयपुर, राजधानी विराट नगर
* वज्जि : जिला दरभंगा और मुजफ्फरपुर, राजधानी मिथिला, जनकपुर और वैशाली
* मल्ल : ज़िला देवरिया, राजधानी कुशीनगर और पावा (आधुनिक पडरौना)
* चेदि : बुंदेलखंड, राजधानी शुक्तिमती (वर्तमान बांदा के पास)
* अवंति : मालवा, राजधानी उज्जयिनी
* अश्मक : गोदावरी घाटी, राजधानी पांडन्य

मगध महाजनपद: मगध प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक था. आधुनिक पटना तथा गया जिला इसमें शामिल थे. इसकी राजधानी गिरिव्रज (वर्तमान राजगीर) और बाद में पाटलिपुुुत्र थी. भगवान बुद्ध के पूर्व बृहद्रथ तथा जरासंध यहाँ के प्रतिष्ठित राजा थे. अभी इस नाम से बिहार में एक प्रंमडल है - मगध प्रमंडल. मगध बुद्धकालीन समय में एक शक्‍तिशाली राजतन्त्रों में से एक था. यह दक्षिणी बिहार में स्थित था जो कालान्तर में उत्तर भारत का सर्वाधिक शक्‍तिशाली महाजनपद बन गया. यह गौरवमयी इतिहास और राजनीतिक एवं धार्मिकता का विश्‍व केन्द्र बन गया.

मगध महाजनपद की सीमा उत्तर में गंगा से दक्षिण में विन्ध्य पर्वत तक, पूर्व में चम्पा से पश्‍चिम में सोन नदी तक विस्तृत थीं. मगध की प्राचीन राजधानी राजगृह थी. यह पाँच पहाड़ियों से घिरा नगर था. कालान्तर में मगध की राजधानी पाटलिपुत्र में स्थापित हुई. मगध राज्य में तत्कालीन शक्‍तिशाली राज्य कौशल, वत्स व अवन्ति को अपने जनपद में मिला लिया. इस प्रकार मगध का विस्तार अखण्ड भारत के रूप में हो गया और प्राचीन मगध का इतिहास ही भारत का इतिहास बना.

मगध के राजवंश :
2. शिशुनाग राजवंश (413–345 ई.पू)
3. नंद साम्राज्य (345–322 ई.पू)
5. शुंग साम्राज्य (सी. 185 ईसा पूर्व - 73 ईसा पूर्व)
6. कण्व वंश (सी. 73 ईसा पूर्व - 26 ईसा पूर्व)
7. आन्ध्र व कुषाण वंश
8. गुप्त साम्राज्य (सी. 240–480 ई.)
9. परवर्ती गुप्त राजवंश (490–750 ईस्वी)
10. पुष्यभूति राजवंश (वर्धन राजवंश) (606–647 ईस्वी)
11. पाल साम्राज्य (750–1174 ईस्वी)

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