मासिक करेंट अफेयर्स

23 November 2021

गुरु नानक जयंती के अवसर पर पीएम मोदी ने तीनों कृषि क़ानून वापस लेने की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक जयंती के मौके पर बड़ा ऐलान करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की. बीते कई महीनों से जारी किसानों के आंदोलन को देखते हुए सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया था. 
देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने किसानों से अब घर लौटने की अपील की और कहा कि इस कानून को खत्म करने प्रक्रिया शीतकालीन सत्र में शुरू हो जाएगी. पीएम मोदी ने कहा कि हमारी तपस्या में ही कमी रही होगी, जिसकी वजह से हम कुछ किसानों को नहीं समझा पाए. 

उन्होंने कहा की अब किसान वापस लौट जाए और अपने खेतों में काम करें. मैं किसानों से क्षमा माँगता हूं कि मैं किसानों को इतनी पवित्र बात नहीं समझा पाया, शायद मेरी तपस्या में कहीं कोई कमी रह गई. आज से एक नई शुरुआत कर रहा हूं. जो कर रहा हूं, देश के लिए कर रहा हूं, नेक नीयत से कर रहा हूं. इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू होगी. कृषि बजट में पांच गुना बढ़ोतरी की गई, हर साल 1.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च किया. सरकार तीन नये कृषि कानून के फायदों को किसानों के एक वर्ग को तमाम प्रयासों के बावजूद समझाने में नाकाम रहा. 

हालांकि, किसानों ने कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि संसद से कानून वापस नहीं हो जाता. तीन कृषि कानूनों की वापसी के बावजूद फिलहाल किसान आंदोलन जारी रहेगा. लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यह एलान किया. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार बैठकर हर मसले पर बात नहीं करेगी, तब तक किसान अपने घरों को नहीं जाएंगे. संग्राम विश्राम की घोषणा भारत सरकार ने की है, किसानों ने नहीं.

ईको गार्डन में संयुक्त किसान मोर्चे की महापंचायत में टिकैत ने कहा कि केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा. बीज विधेयक, एमएसपी गारंटी, प्रदूषण विधेयक, दूध नीति, बिजली दरें जैसे तमाम मुद्दे हैं, जिनका समाधान निकालना होगा. उन्होंने कहा कि जो 17 विधेयक संसद में लाए जा रहे हैं, उन्हें भी लागू नहीं होने दिया जाएगा. टिकैत ने आह्वान किया कि किसान 26 नवंबर को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचें. इस दिन से ट्रैक्टर संसद की ओर लगातार रवाना होंगे. 29 तारीख से रोज 1000 लोग 60 ट्रैक्टर लेकर उधर निकलेंगे.

लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि नरेंद्र मोदी जिस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने एक रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी थी. इसमें एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की थी. अब वह प्रधानमंत्री हैं तो उसे लागू करें. उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी बात समझाने में किसानों को एक साल का समय लगा. पीएम शहद जैसी मीठी बात करते हैं, तो शक होता है. उन्होंने कहा कि संसद में कानून वापस लेकर बरगलाने की कोशिश की जाएगी कि अब उनकी मांगे पूरी हो गई लेकिन इस बहकावे में नहीं आना है. जनता को सावधान रहना है. ये जनता को हिंदू, मुस्लिम, सिख, जिन्ना में उलझाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि यूपी में गन्ने का दाम सबसे कम है. इसे बढ़ाया जाए और बकाया भुगतान तत्काल किया जाए.

No comments:

Post a Comment