06 May 2022

इस्लामशाह सूरी

इस्लामशाह सूरी दिल्ली के बादशाह शेरशाह सूरी का पुत्र और उसका उत्तराधिकारी था. इस्लामशाह का मूल नाम 'जलाल ख़ाँ' था, इसके साथ ही वह 'सलीमशाह' के नाम से भी विख्यात था. इस्लामशाह ने 1545 से 1554 ई. तक शासन किया. उसने राज्य के बाग़ी सरदारों पर कड़ी कार्रवाई की और उनका दमन किया. अपने शासन काल में इस्लामशाह सूरी ने धक्करों के विद्रोहों को पूरी तरह से दबा दिया. इस्लामशाह ने मानकोट का निर्माण करके कश्मीर पर अपने आधिपत्य को और भी मज़बूत किया. पिता द्वारा किये गये बहुत-से शासन सुधारों को उसने जारी रखा और सेना की दक्षता बनाये रखी. भरी जवानी में ही इस्लामशाह सूरी की मृत्यु 1554 ई. में हो गयी.

इस्लामशाह के पश्चात् उसके उत्ताधिकारियों के समय सूर-साम्राज्य 5 भागों में बँट गया. सूर-साम्राज्य की आपसी कलह का लाभ उठाकर हुमायूँ ने भारत पर आक्रमण कर दिया. हुमायूँ ने "मच्छिवारा" और "सरहिन्द" के युद्धों को जीतकर सूर वंश का अंत कर दिया और 1555 ई. में दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिया. इस प्रकार दिल्ली पर पुनः एकबार मुग़ल सम्राज्य कायम हो गया.

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